हीरो मोटोकॉर्प के अच्छे दिन आ गए !
हीरो मोटोकॉर्प और दिग्गज जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी होंडा 2010 तक एक साथ थे। 26 बरस तक दोनों मिलकर देश की धड़कन बने रहे। जब भारतीय और जापानी कंपनी एक साथ थे तब इसे हीरो-होंडा कहा जाता था। और यह ज्यादातर भारतीयों की पसंदीदा मोटरबाइक हुआ करती थी।
हीरो साइकिल का मालिकाना हक रखने वाले मुंजाल परिवार ने होंडा इंडिया में 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी। इसके बाद हीरो-होंडा का नाम बदलकर हीरो मोटोकॉर्प कर दिया गया। मुंजाल परिवार ने 26 फीसदी शेयर के लिए 3842 करोड़ रुपये का भुगतान किया। हालांकि उन्हें होंडा को चार किस्तों में जून 2014 से पहले क़ीमत अदा करनी थी।

अब मुंजाल परिवार को आखिरी किस्त देनी है और इसलिए कंपनी ने जापानी निर्माता को रॉयल्टी फीस देनी बंद कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि हीरो मोटोकॉर्प का मुनाफा अब पहले की अपेक्षा ज्यादा हो जाएगा। एक अनुमान के अनुसार भारतीय कंपनी को रॉयल्टी न देने से करीब 415 करोड़ रुपये की बचत होगी।
हीरो मोटोकॉर्प फिलहाल पैशन एक्सप्रो, इंपल्स, ईग्नीटर और मेस्ट्रो जैसी ब्रांड बेचती है। इन उत्पादों का निर्माण और विकास जापानी कंपनी के सहयोग से किया गया। तो, मुंजाल परिवार को इन उत्पादों की बिक्री पर कुछ रॉयल्टी तो देनी ही होगी। फिलहाल पैशन एक्सप्रो और मेस्ट्रो स्कूटर भारतीय बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। और इस लिहाज से हीरो मोटोकॉर्प को होंडा को रॉयल्टी की रकम चुकानी होगी।

हालांकि, हीरो मोटोकॉर्प इस बात को लेकर खुशी मना सकता है कि इन सबके बावजूद उसकी काफी रकम बचेगी। उम्मीद जतायी जा रही है कि भारतीय कंपनी इन पैसों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना आधार मजबूत करने में इस्तेमाल करेगी। इसके साथ ही अपने मुनाफे का इस्तेमाल वह नये उत्पादों के निर्माण और पुराने उत्पादों में सुधार करने के लिए भी करेगी। कुल मिलाकर हीरो मोटोकॉर्प के अच्छे दिन आ गए हैं और हम उन्हें भविष्य की योजनाओं के लिए शुभकामनायें देते हैं।


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