दिल्ली-एनसीआर में बारिश और धुंध: ऑफिस से घर लौटते समय बाइक-स्कूटर सवारों के लिए जरूरी सेफ्टी टिप्स
दिल्ली-एनसीआर में बीती रात हुई बारिश के बाद सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। कई इलाकों में धुंध की वजह से विजिबिलिटी कम है और सड़कों पर गिरा डीजल फिसलन को और खतरनाक बना रहा है। ऐसे में आज, 31 अक्टूबर की शाम दफ्तर से घर लौट रहे स्कूटर-बाइक सवारों को थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। ऑफिस से निकलने से पहले बस कुछ मिनटों के बुनियादी चेकअप से आप फिसलने, रास्ते में गाड़ी बंद होने और बेवजह के भारी-भरकम मैकेनिक बिल से बच सकते हैं। टायर, ब्रेक, विजिबिलिटी और सड़क के खतरनाक हिस्सों पर खास ध्यान दें—खासकर फ्लाईओवरों, थर्मोप्लास्टिक वाली सफेद-पीली पट्टियों, लोहे के ढक्कनों और बस स्टॉप के पास जमा तेल पर।
शाम को दफ्तर से निकलने से पहले महज 10 मिनट का समय निकालें। टायर में हवा का दबाव कंपनी द्वारा बताए गए लेवल के मुताबिक ही रखें; बारिश के डर से हवा कम करने की गलती बिल्कुल न करें। टायर की ग्रिप (TWI) और कट की अच्छे से जांच करें, अगर रबड़ घिस चुकी हो तो तुरंत नया टायर लगवाएं। ब्रेक लीवर दबाकर देखें कि ब्रेक सही से काम कर रहे हैं या नहीं। चेन को साफ करके ल्यूब करें और स्कूटर राइडर्स अपने CVT इनटेक से कचरा साफ कर लें। हेलमेट के वाइजर पर धुंध न जमे, इसके लिए थोड़ा सा माइल्ड सोप (साबुन) लगाकर सूखे कपड़े से साफ कर लें।

दिल्ली-एनसीआर: बारिश में राइडिंग के लिए क्विक चेकलिस्ट
| चेकपॉइंट | तुरंत कैसे करें चेक | सही पहचान |
|---|---|---|
| टायर प्रेशर | विश्वसनीय गेज से चेक करें; गाड़ी पर लगे स्टिकर की रीडिंग से मिलाएं | गेज की सुई स्टिकर की संख्या से मेल खाए |
| टायर ग्रिप (Tread depth) | टायर पर TWI त्रिभुज का निशान खोजें; पट्टियां बराबर होना यानी ग्रिप खत्म है | बार और रबड़ की सतह का लेवल एक समान होना |
| ब्रेक की ग्रिप | गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ाकर पहले पिछला, फिर अगला ब्रेक लगाएं | गाड़ी तुरंत रुके, कोई अजीब आवाज न आए |
| चेन या CVT | चेन ल्यूब करें; स्कूटर यूजर CVT ग्रिल की सफाई करें | चेन पर चिकनाई रहे, ग्रिल में कचरा न फंसा हो |
| लाइट और हॉर्न | हेडलाइट, इंडिकेटर, ब्रेक लाइट और हॉर्न चेक करें | सामने दीवार पर रोशनी की तेज चमक दिखे |
| वाइजर एंटी-फॉग | हल्का साबुन लगाएं, फैलाएं और सूखे कपड़े से पोंछ लें | पानी की बूंदें न ठहरें, वाइजर बिल्कुल साफ दिखे |
स्कूटर सवार ध्यान दें: सही राइडिंग लाइन और रास्ते के खतरे
गीली सड़कों पर गाड़ी बिल्कुल सीधी और संतुलित रफ्तार में चलाएं। सड़क पर बनी सफेद-पीली पट्टियों, मैनहोल के लोहे के ढक्कनों और फ्लाई ओवर के जोड़ों (एक्सपेंशन जॉइंट्स) पर गाड़ी मोड़ने से बचें। बस स्टॉप और टोल प्लाजा के पास जमा डीजल से दूरी बनाएं; सड़क पर चमकता सतरंगी पानी देखते ही सावधान हो जाएं। सड़क के एकदम बीच की चमकदार सतह के बजाय साफ और सूखी जगह पर ही टायर चलाएं। ब्रेक लीवर पर हमेशा दो उंगलियां रखें—पहले पिछला ब्रेक हल्का दबाएं और फिर धीरे-धीरे अगला ब्रेक लगाएं।
सड़क पर पानी भरे गड्ढों के पास रफ्तार धीमी रखें और गाड़ी सीधी निकालें। थ्रॉटल (रेस) को एक जैसा रखें, पानी के बीच अचानक ब्रेक लगाने या गाड़ी मोड़ने की गलती न करें। पैर मजबूती से फुटबोर्ड पर रखें और नजर सामने पानी के पार रखें। अनजान गहराई वाले पानी या खुले मैनहोल वाली जगह में जाने से बचें। लेन के बाहरी ढलान वाले हिस्से का इस्तेमाल करें जहां पानी रुकता नहीं और ग्रिप बेहतर मिलती है। पानी से निकलने के बाद ब्रेक को हल्का-हल्का दबाएं ताकि ब्रेक शू सूख जाएं और ग्रिप वापस मिल सके।
मंजिल पर पहुंचकर गाड़ी को खुली जगह में सेंटर स्टैंड पर खड़ा करें। ब्रेक कैलीपर्स, रिम, एग्जॉस्ट और फुटबोर्ड के पास की जगह पोंछकर साफ करें। बाइक की चेन हल्की गर्म हो तभी ल्यूब छिड़कें, वहीं स्कूटर के CVT कवर वेंट को तौलिए से सुखाएं। हेलमेट और ग्लव्स को हवादार जगह पर रखें और वाइजर को थोड़ा खुला छोड़ें। अगर कहीं हल्की खरोंच आई हो तो सड़क, गड्ढे और गाड़ी की नंबर प्लेट के साथ टाइमस्टैम्प वाली फोटो खींच लें। डिजिलॉकर में अपने इंश्योरेंस, पीयूसी और ड्राइविंग लाइसेंस की डिजिटल कॉपी तैयार रखें। किसी हादसे की स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम जल्दी पास कराने के लिए पास में लगे सीसीटीवी कैमरों और गवाहों के नंबर जरूर नोट कर लें।


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