भारी बारिश में बाइक बंद होने से बचाना है? घर से निकलने से पहले अपनाएं ये 5 आसान टिप्स
मौसम विभाग (IMD) ने 9 सितंबर की सुबह जारी अलर्ट में बिहार, झारखंड, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और असम-मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी दी है। बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सीवान में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर और खगड़िया के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ओडिशा के सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, देवगढ़, क्योंझर, मयूरभंज और बालेश्वर में 11 सितंबर तक भारी बारिश का जोखिम सबसे ज्यादा रहेगा।
यह अलर्ट आपके लिए क्यों अहम है? असल में, बारिश में गांव-देहात की सड़कें सबसे पहले पानी से भरती हैं और सबसे देर में खाली होती हैं। ऐसे रास्तों पर 100-125 cc बाइक से चलने वाले लोग अक्सर फंस जाते हैं। सफर पर निकलने से पहले बस थोड़ी सी सतर्कता आपकी बाइक को बंद होने, रिम टेढ़े होने, ब्रेक फेल होने और इंश्योरेंस के भारी खर्चों से बचा सकती है। कच्चे-कीचड़ भरे रास्तों और अचानक मिलने वाली पुलियों से सुरक्षित निपटने के लिए यह आजमाया हुआ चेकलिस्ट अपनाएं।

IMD बारिश अलर्ट: बाइक निकालने से पहले 10 मिनट में करें ये जरूरी जांच
हर टायर को दबाकर चेक करें कि कहीं कट, साइडवॉल पर छाले (बबल्स) या ग्रिप में पत्थर तो नहीं फंसे हैं। पहियों को घुमाकर देखें और ढीले स्पोक्स की वजह से आने वाली किसी भी गड़गड़ाहट पर ध्यान दें। चेन के बीच के हिस्से को उंगली से दबाएं, इसमें लगभग दो उंगली का ढीलापन होना चाहिए; अगर आवाज आ रही हो तो ल्यूब लगाएं। दोनों ब्रेक दबाकर उनकी ग्रिप चेक करें। लाइट, हॉर्न और इंडिकेटर्स चालू करके देख लें। चेकिंग या पुलिस चेकपॉइंट पर किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए पेट्रोल की रसीद और आधार कार्ड की फोटोकॉपी को जिप वाले प्लास्टिक पाउच में रख लें।
पानी भरे रास्ते पार करने के नियम: बाइक बंद हो जाए तो क्या करें और ब्रेक कैसे सुखाएं?
जलभराव वाले रास्ते को पार करने से पहले पैदल चलकर गहराई जरूर नापें। पानी पहिये के एक्सेल (धुरे) से नीचे हो, तभी बाइक आगे बढ़ाएं। पहले गियर में लगातार थ्रॉटल (रेस) बनाए रखें और क्लच को बार-बार न दबाएं। रेस ज्यादा न बढ़ाएं और ध्यान रखें कि राहगीरों या मवेशियों पर पानी के छींटे न उड़ें। अगर इंजन में पानी चला जाए तो तुरंत किल-स्विच दबाएं, स्टार्ट (क्रैंक) करने की कोशिश बिल्कुल न करें। प्लग कैप, एयर-बॉक्स इनलेट और साइलेंसर ड्रेन को सुखाएं। ड्रम ब्रेक गीले होने पर करीब 30 सेकंड तक हल्की रफ्तार में बाइक चलाते हुए ब्रेक को हल्का-हल्का दबाएं।
ग्रामीण इलाकों के लिए टू-व्हीलर सर्वाइवल चेकलिस्ट और किट
पानी से निकलने के बाद स्पोक्स को बजाकर (पिंग करके) देखें; अगर आवाज दबी हुई लगे, तभी उन्हें कसें। एयर-फिल्टर का कवर खोलें; फोम फिल्टर हो तो हल्के हाथ से निचोड़ें या पेपर फिल्टर हो तो धूप में सुखाएं, उस पर तेज हवा का प्रेशर कभी न मारें। पुराने टूथब्रश और केरोसिन से चेन साफ करके फिर से ल्यूब लगाएं; मेन स्टैंड पर बाइक खड़ी करके यह काम 30 सेकंड में आसानी से हो जाता है। लीवर्स में ग्रीस लगाएं और मुमकिन हो तो स्विचगियर पर डाई-इलेक्ट्रिक स्प्रे छिड़कें।
| साथ रखने योग्य किट | पानी भरे रास्तों पर क्यों है जरूरी |
|---|---|
| पोंचो (रेनकोट) और ग्लव्स | हैंडल पर ग्रिप बनाए रखता है, शरीर को गर्म रखता है और थकान घटाता है। |
| बंजी कॉर्ड्स और केबल टाई | सामान को कसकर बांधता है और टूटे मडगार्ड को तुरंत जोड़ता है। |
| पंक्चर किट और मिनी पंप | गड्ढों में रिम टकराने के बाद लीक हुई हवा या पंक्चर को ठीक करता है। |
| स्पेयर फ्यूज और इंसुलेशन टेप | पानी के छींटों से शॉर्ट-सर्किट होने पर हेडलाइट/लाइट्स को चालू करता है। |
| स्पार्क प्लग और प्लग स्पैनर | बाइक बंद होने के बाद खराब या भीगे प्लग को बदलने के काम आता है। |
अगर इंजन में पानी चला गया है, तो उसे स्टार्ट करने की गलती न करें; सीधे किसी अधिकृत वर्कशॉप तक टो कराएं। पानी का स्तर और ओडोमीटर की फोटो खींच लें, रिपेयर बिल संभालकर रखें और अपनी इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत जानकारी दें। बीमा कंपनियां अक्सर "बार-बार स्टार्ट करने से हुए नुकसान" के क्लेम खारिज कर देती हैं, इसलिए क्रैंकिंग से बचें। आज जारी बारिश के अलर्ट के बीच, तसल्ली से की गई यह जांच और एक छोटी सी टूलकिट ग्रामीण रास्तों पर आपके सफर को सुरक्षित और तनावमुक्त बनाए रखेगी।


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