पेट्रोल का खर्चा भूल जाइए: 10 लाख से कम में मिल रही हैं ये धाकड़ इलेक्ट्रिक कारें!
भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में इस महीने जबरदस्त क्रांति देखने को मिल रही है। ताजा रिटेल डेटा के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल के मुकाबले इस बार 75 फीसदी की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है। यह उछाल साफ दिखाता है कि भारतीय शहरी परिवार अब अपनी कारों को लेकर कितनी तेजी से सोच बदल रहे हैं। पूरे देश में अब सस्ती और बजट फ्रेंडली सिटी ईवी (City EV) का बोलबाला है।
10 लाख रुपये से कम कीमत वाली बजट इलेक्ट्रिक कारें नए खरीदारों को खूब लुभा रही हैं। ये मॉडल मॉडर्न फीचर्स और कम रनिंग कॉस्ट का बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश करते हैं। मिडिल क्लास परिवार अब रोजाना के आने-जाने के लिए पारंपरिक पेट्रोल हैचबैक के बजाय इन्हें ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आसान मंथली EMI ऑप्शंस ने लोगों के लिए इलेक्ट्रिक पावर पर स्विच करना और भी आसान बना दिया है।

10 लाख से कम बजट वाली EV की बिक्री में भारी उछाल
इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सबसे बड़ा फायदा महीने भर के फ्यूल बिल में होने वाली भारी बचत है। आजकल की सिटी ईवी को चलाने का खर्च 1 रुपये प्रति किलोमीटर से भी कम आता है। पेट्रोल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, ऐसे में इलेक्ट्रिक कार आज एक स्मार्ट फाइनेंशियल फैसला साबित हो रही है। ज्यादातर मालिक रोजाना ड्राइविंग के जरिए महज तीन साल के भीतर ही कार की शुरुआती लागत वसूल कर लेते हैं।
मॉडर्न सिटी ईवी अब शहर में रोजाना इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद ड्राइविंग रेंज दे रही हैं। बजट सेगमेंट के ज्यादातर मॉडल एक बार चार्ज करने पर आसानी से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर लेते हैं। ऑफिस आने-जाने के लिए यह दूरी लगभग पूरे हफ्ते के लिए काफी है। इसके अलावा, घर पर फास्ट चार्जिंग की सुविधा ने पहली बार कार खरीदने वालों की रेंज को लेकर होने वाली चिंता भी दूर कर दी है।
इस हाई-ग्रोथ पीरियड में कुछ खास मॉडल्स का सेल्स चार्ट पर कब्जा है। टाटा टियागो ईवी (Tata Tiago EV) और एमजी कॉमेट (MG Comet) जैसे वाहन मार्केट में बहुत मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। इनका कॉम्पैक्ट साइज भीड़भाड़ वाली भारतीय सड़कों पर चलने के लिए एकदम परफेक्ट है। इस प्राइस ब्रैकेट में नए खिलाड़ियों के आने से इस अप्रैल मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
मिडिल क्लास खरीदारों पर बढ़ती EV सेल का असर
हालिया रिटेल सेल को बढ़ाने में आकर्षक फाइनेंसिंग स्कीम्स का बड़ा हाथ है। बैंक इस साल 'ग्रीन व्हीकल्स' की खरीद पर खास तौर पर कम ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। इससे कार की मंथली EMI अब भारत की पॉपुलर पेट्रोल कारों के बराबर ही बैठती है। ऐसे वित्तीय फायदों की वजह से ज्यादा से ज्यादा लोग तेजी से सस्टेनेबल मोबिलिटी की ओर रुख कर रहे हैं।
बड़े शहरों में चार्जिंग स्टेशनों के विस्तार ने खरीदारों का भरोसा काफी बढ़ाया है। अब मॉल्स और रेजिडेंशियल सोसायटियों में हजारों नए चार्जिंग पॉइंट्स एक्टिव हो चुके हैं। भारत में जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी उसी रफ्तार से तैयार हो रहा है। अब लोगों को शहर के बीच सफर में कहीं फंस जाने का डर नहीं सताता।
पॉपुलर बजट EV मॉडल्स की तुलना
आपकी पसंद को आसान बनाने के लिए हमने सबसे ज्यादा बिकने वाली बजट इलेक्ट्रिक कारों की तुलना की है। ये कारें किफायती और क्लीन सिटी ट्रांसपोर्ट के मौजूदा ट्रेंड को परिभाषित करती हैं। हर मॉडल की अपनी अनूठी खूबियां हैं जो अलग-अलग तरह के शहरी ड्राइवरों की जरूरतों को पूरा करती हैं। आइए, इन पॉपुलर सिटी कारों के मुख्य स्पेसिफिकेशन पर एक नजर डालते हैं।
| मॉडल का नाम | शुरुआती कीमत (एक्स-शोरूम) | अनुमानित सिटी रेंज |
|---|---|---|
| MG Comet EV | ₹6.99 Lakh | 230 km |
| Tata Tiago.ev | ₹7.99 Lakh | 250 km |
| Citroen eC3 | ₹11.61 Lakh | 320 km |
पारंपरिक इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) के मुकाबले इलेक्ट्रिक कारों में मूविंग पार्ट्स काफी कम होते हैं। इसका सीधा नतीजा यह है कि लंबे समय में सर्विस का खर्च बहुत कम आता है। अब आपको बार-बार ऑयल चेंज या इंजन की पेचीदा मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ती। भारत के बिजी शहरी प्रोफेशनल्स के लिए यह सादगी एक बड़ा सेलिंग पॉइंट बन गई है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल चुनकर आप हमारे भीड़भाड़ वाले शहरों में वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं। सड़क पर आने वाली हर नई ईवी शहरी कार्बन फुटप्रिंट को थोड़ा कम करती है। भारतीय उपभोक्ता अब गाड़ी खरीदते समय पर्यावरण पर इसके असर को लेकर काफी जागरूक हो रहे हैं। यही जागरूक फैसला आज मार्केट में दिख रही 75 फीसदी की ग्रोथ को रफ्तार दे रहा है।
दिग्गज कार निर्माता कंपनियां जल्द ही और भी किफायती मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में हैं। आने वाली इन कारों में कम कीमत पर बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी मिलने की उम्मीद है। 10 लाख से कम वाले सेगमेंट में इस साल मुकाबला नई ऊंचाइयों पर पहुंचने वाला है। इस ट्रेंड से यह सुनिश्चित होता है कि भारतीय खरीदारों के पास पहले से कहीं ज्यादा विकल्प होंगे।
भारतीय सड़कों का भविष्य अब साफ तौर पर क्लीन इलेक्ट्रिक युग की ओर बढ़ रहा है। किफायती दाम और बेहतर तकनीक ने ईवी को परिवारों की नई पसंद बना दिया है। जैसे-जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरेगा, इलेक्ट्रिक सेगमेंट की ग्रोथ और भी तेजी से बढ़ेगी। इलेक्ट्रिक कार पर स्विच करने के बारे में सोचने के लिए आज वाकई सबसे अच्छा समय है।


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