मानसून की बारिश और ट्रैफिक जाम: दिल्ली में ₹10 लाख से कम में EV या CNG, क्या है बेहतर?
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह एक बार फिर मौसम विभाग (IMD) ने बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। मानसून की भारी बारिश अक्सर सड़कों पर जलभराव और लंबे ट्रैफिक जाम का कारण बनती है, जिससे रोजाना ऑफिस आने-जाने वालों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। ऐसे में 10 लाख रुपये से कम बजट वाले कार खरीदार अब इलेक्ट्रिक (EV) और सीएनजी (CNG) मॉडल्स के बीच तुलना कर रहे हैं। यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि मानसून के लंबे जाम में गाड़ियों का माइलेज काफी गिर जाता है।
बारिश के इस मौसम में इन दोनों टेक्नोलॉजी के रनिंग कॉस्ट (चलने का खर्च) में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। दिल्ली में सीएनजी की कीमत फिलहाल करीब 75 रुपये प्रति किलो है। वहीं, MG Comet EV जैसे इलेक्ट्रिक विकल्प प्रति किलोमीटर के हिसाब से काफी सस्ते पड़ते हैं। ट्रैफिक जाम में खड़ी सीएनजी कारों की एफिशिएंसी कम हो जाती है, जबकि ईवी इस मामले में बेहतर बचत देती हैं। यही वजह है कि एनसीआर के उन ड्राइवरों के लिए इलेक्ट्रिक कारें ज्यादा आकर्षक हो रही हैं, जिन्हें रोजाना भारी ट्रैफिक और देरी का सामना करना पड़ता है।

दिल्ली में ₹10 लाख से कम की EV और CNG हैचबैक की तुलना
आज के समय में टाटा टियागो ईवी (Tata Tiago.ev) और मारुति वैगनआर सीएनजी (Maruti WagonR CNG) जैसे एंट्री-लेवल मॉडल्स की कीमतों में बड़ा अंतर है। जहां टियागो ईवी की शुरुआती कीमत करीब 8 लाख रुपये है, वहीं सीएनजी हैचबैक अक्सर 6.5 लाख रुपये में मिल जाती हैं। नोएडा और गुड़गांव में फिलहाल इलेक्ट्रिक मॉडल्स के लिए दो से चार हफ्ते का वेटिंग पीरियड चल रहा है। खरीदारों को यह देखना होगा कि क्या ईवी के लिए 1.5 लाख रुपये की एक्स्ट्रा कीमत उनके मंथली बजट में फिट बैठती है।
| गाड़ी का प्रकार | औसत रनिंग कॉस्ट (₹/किमी) | शुरुआती कीमत (ऑन-रोड दिल्ली) |
|---|---|---|
| EV (Comet/Tiago) | 1.0 - 1.3 | ₹7.5L - ₹8.6L |
| CNG (WagonR/Tiago) | 3.2 - 3.6 | ₹6.8L - ₹7.4L |
₹10 लाख से कम की EV और CNG कारों के लिए जरूरी सेफ्टी टिप्स
मानसून में ड्राइविंग के दौरान साफ विजिबिलिटी के लिए रियर वाइपर और डिफॉगर जैसे फीचर्स बेहद जरूरी हैं। जुलाई की बारिश में बजट खरीदारों को फैंसी टचस्क्रीन के बजाय इन सेफ्टी फीचर्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। जलभराव वाले इलाकों में जाने से पहले हमेशा टायरों की गहराई (ट्रेड डेप्थ) चेक करें। ऑटो एक्सपर्ट्स की सलाह है कि चाहे गाड़ी ईवी हो या सीएनजी, अगर पानी का स्तर पहियों के हब (बीच का हिस्सा) से ऊपर हो, तो वहां गाड़ी ले जाने से बचें।
अगर आपका रोजाना का सफर 40 किलोमीटर से कम है, तो आज के हिसाब से सीएनजी कारें आपके लिए ज्यादा किफायती हो सकती हैं। कम शुरुआती कीमत और शोरूम में आसानी से उपलब्धता इन्हें शहरी इस्तेमाल के लिए प्रैक्टिकल बनाती है। हालांकि, अगर आप एनसीआर में लंबी दूरी तय करते हैं, तो ईवी लंबे समय में ज्यादा बचत और बेहतर ड्राइविंग अनुभव देगी। इस सीजन में अपनी कार चुनने से पहले अपने कुल मासिक सफर और घर पर चार्जिंग की सुविधा पर जरूर गौर करें।


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