मुंबई की बारिश में सुरक्षित सफर: 1 लाख के बजट में ये 3 बाइक्स हैं बेस्ट, डिस्क ब्रेक के साथ
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस बुधवार मुंबई और ठाणे के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते आज शहर के उपनगरों में भारी जलभराव देखने को मिल रहा है। ऐसे मौसम में ऑफिस आने-जाने वाले लोग अब 1 लाख रुपये से कम बजट में 100-125cc की ऐसी बाइक्स को तरजीह दे रहे हैं, जिनमें डिस्क ब्रेक जैसे जरूरी फीचर्स हों। मानसून की फिसलन भरी सड़कों पर ये मोटरसाइकिलें बेहतर संतुलन और सुरक्षा प्रदान करती हैं।
बाढ़ जैसी स्थिति और तेल की वजह से चिकनी हुई सड़कों पर सेफ्टी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाती है। ट्यूबलेस टायर वाली भरोसेमंद 125cc बाइक्स पंचर होने की स्थिति में अचानक हवा निकलने के खतरे को कम करती हैं। वहीं, कॉम्बी ब्रेक सिस्टम (CBS) के साथ फ्रंट डिस्क ब्रेक होने से बाइक कम दूरी में सुरक्षित तरीके से रुक जाती है। बारिश से भीगे हाईवे और सड़कों पर हादसों से बचने के लिए यह टेक्नोलॉजी बेहद कारगर साबित होती है।

मानसून में सुरक्षित सफर के लिए 1 लाख से कम की बेस्ट 100-125cc बाइक्स
बेहतरीन इंजन और परफॉर्मेंस के मामले में होंडा शाइन 125 (Honda Shine 125) और हीरो पैशन एक्सटेक (Hero Passion XTEC) सबसे आगे हैं। 1 लाख रुपये के बजट के अंदर ही इन मॉडल्स के फ्रंट डिस्क ब्रेक वाले वेरिएंट्स मिल जाते हैं। मुंबई के कई डीलर्स के पास फिलहाल इन बाइक्स के अलग-अलग कलर्स तुरंत डिलीवरी के लिए उपलब्ध हैं। जुलाई की तेज हवाओं के बीच भी ये बाइक्स सड़क पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखती हैं।
| मॉडल का नाम | कीमत (एक्स-शोरूम) | माइलेज (बारिश में) | खर्च प्रति किमी |
|---|---|---|---|
| Honda Shine 125 | ₹84,000 | 55 kmpl | ₹1.88 |
| Hero Passion XTEC | ₹82,500 | 58 kmpl | ₹1.78 |
| Hero Super Splendor | ₹85,000 | 54 kmpl | ₹1.91 |
बजट और खर्च: 1 लाख से कम की बाइक्स का पूरा गणित
आज के समय में बाइक खरीदना काफी आसान हो गया है, जहां ब्याज दरें 11 प्रतिशत के आसपास हैं। ठाणे और मुंबई के ज्यादातर फाइनेंसर्स कम डाउन पेमेंट पर तीन से पांच साल के लिए लोन की सुविधा दे रहे हैं। मुंबई में पेट्रोल की मौजूदा कीमतों के आधार पर, इन बाइक्स को चलाने का खर्च ₹1.70 से ₹1.90 प्रति किलोमीटर के बीच आता है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भीड़भाड़ से बचने वालों के लिए ये मोटरसाइकिलें एक किफायती विकल्प हैं।
मैकेनिकों की सलाह है कि इंजन की सुरक्षा के लिए बाइक को पहिए के हब (hub) से ऊपर वाले पानी में न ले जाएं। गहरे गड्ढों और जलभराव से बचें ताकि स्पार्क प्लग या एयर इनटेक में पानी न घुसे। चिकनी सड़कों पर ग्रिप बनाए रखने के लिए टायरों की गहराई (tread depth) चेक करना भी उतना ही जरूरी है। साथ ही, लोकल सर्विस सेंटर इस सीजन में बाढ़ से होने वाले इंजन डैमेज से बचने के लिए बेसिक इंश्योरेंस राइडर्स लेने की सलाह देते हैं।


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