बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस का सख्त एक्शन: हाफ-हेलमेट पर 500 रुपये का जुर्माना, क्या आपका हेलमेट है असली?
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस आज सुबह से ही खराब क्वालिटी के हेलमेट पहनने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन मोड में है। पुलिस उन राइडर्स पर 500 रुपये का जुर्माना लगा रही है जो हाफ-हेलमेट या इंडस्ट्रियल कैप लगाकर गाड़ी चला रहे हैं। शहर की व्यस्त सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। सुबह-सुबह ऑफिस और काम पर निकले कई स्कूटर सवारों को इस अचानक हुई कार्रवाई की वजह से भारी जुर्माना भरना पड़ रहा है।
पुलिस का मुख्य फोकस उन हेलमेट्स पर है जिनके पास ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) का सर्टिफिकेशन नहीं है। अक्सर राइडर्स को लगता है कि हाफ-हेलमेट सुरक्षित हैं, लेकिन हकीकत में इनमें सिर के किनारों को जरूरी सुरक्षा नहीं मिल पाती। ट्रैफिक पुलिस हर हेलमेट के पीछे अनिवार्य 'ISI' मार्क की जांच कर रही है। अगर आपके हेलमेट पर यह मार्क नहीं है, तो कानून की नजर में वह सिर्फ एक प्लास्टिक का डिब्बा है, हेलमेट नहीं।

बेंगलुरु के राइडर्स ध्यान दें: ऐसे पहचानें सही और कानूनी हेलमेट
कानूनी रूप से सही हेलमेट वही है जो आपके कान और सिर के पिछले हिस्से को पूरी तरह कवर करे। अगर हेलमेट पर ISI स्टिकर लगा है, तो ओपन-फेस और फुल-फेस दोनों ही मान्य हैं। हालांकि, कंस्ट्रक्शन साइट पर इस्तेमाल होने वाली इंडस्ट्रियल सेफ्टी कैप पहनकर गाड़ी चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह भी सुनिश्चित करें कि हेलमेट की स्ट्रैप (पट्टी) मजबूत हो और आपके जबड़े के नीचे ठीक से फिट बैठती हो।
जुर्माने से बचने के लिए पीछे बैठने वाले (पिलियन राइडर) को भी इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। रूटीन चेकिंग के दौरान कई लोग नकली ISI स्टिकर के साथ पकड़े जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी अब हेलमेट की बनावट और स्ट्रैप की मजबूती को बारीकी से परख रहे हैं। याद रखें, अगर हेलमेट की स्ट्रैप ढीली है या उसका वाइजर टूटा हुआ है, तो भी आपका चालान काटा जा सकता है।
| हेलमेट का प्रकार | स्टेटस | जुर्माने का खतरा |
|---|---|---|
| फुल-फेस (BIS प्रमाणित) | कानूनी | कोई नहीं |
| ओपन-फेस (BIS प्रमाणित) | कानूनी | कोई नहीं |
| हाफ-हेलमेट | गैरकानूनी | ₹500 |
| इंडस्ट्रियल कैप | गैरकानूनी | ₹500 |
अगर आप अपना हेलमेट बदलना चाहते हैं, तो बाजार में 1200 रुपये से कम कीमत में बारिश के अनुकूल कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं। वेगा (Vega) और स्टड्स (Studds) जैसे ब्रांड्स किफायती दाम में क्लियर वाइजर वाले मॉडल ऑफर कर रहे हैं। बेंगलुरु में दोपहर के समय अचानक होने वाली बारिश में ये वाइजर काफी मददगार साबित होते हैं। हमेशा ऑथोराइज्ड डीलर से ही हेलमेट खरीदें ताकि आपको असली और सुरक्षित प्रोडक्ट मिले।
फिलहाल सिल्क बोर्ड और केआर पुरम जंक्शन जैसे प्रमुख इलाकों में चेकिंग अभियान काफी तेज है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही भारत के अन्य बड़े शहरों में भी इसी तरह की सख्ती शुरू हो सकती है। सुरक्षा के स्तर को बनाए रखने के लिए राइडर्स को हर तीन साल में अपना पुराना हेलमेट बदल लेना चाहिए। एक सर्टिफाइड हेलमेट में किया गया निवेश न सिर्फ आपकी जान बचाता है, बल्कि आपकी जेब को भी भारी जुर्माने से सुरक्षित रखता है।


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