Rapido जैसी Bike Taxis के लिए अच्छी खबर! सरकार लेने जा रही है महत्वपूर्ण फैसला, जानें डिटेल्स
दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में बाइक टैक्सी परिवहन के महत्वपूर्ण साधन है। हालांकि स्थानीय सरकारों ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भारत में बाइक टैक्सियों की कानूनी वैधता को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है।
इस एडवाइजरी से साफ होता है कि मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम, 1988 की धारा 2(7) के अनुसार बाइक टैक्सी, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज के के तहत आते हैं। इसका मतलब है कार टैक्सियों के मुकाबले बाइक टैक्सियां लोगों के लिए अधिक किफायती हैं।

बता दें कि गोवा, तेलंगाना, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे कुछ राज्यों ने पहले ही बाइक टैक्सियों को अनुमति दे दी है। वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे अन्य प्रमुख शहरों ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इस बीच, भारत में टियर 2 और टियर 3 शहरों में बाइक टैक्सी सेवाओं का विस्तार हो रहा है। नए सर्कुलर के साथ, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा बाइक टैक्सी परमिट के लिए आवेदन स्वीकार करना और नियमों में बदलाव करने की संभवना है।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि कनेक्टिविटी के मुद्दों को हल करने, यातायात की भीड़ को कम करने और किफायती यात्रा विकल्पों को बढ़ाने का यह सबसे उपयुक्त तरीका है। इसके अलावा ट्रैफिक के दौरान भीड़ कम हो सकती है और किफायती दामों में आने-जाने के विकल्प बढ़ सकते हैं।
Rapido की बड़ी भागीदारी: बाइक टैक्सी उद्योग में 60 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखते हुए, रैपिडो हर दिन पूरे भारत में दस लाख से अधिक बाइक टैक्सी सवारी संचालित करता है। साथ ही राइडर्स के लिए रोजगार के कई अवसरों प्रदान करता है।
रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंडुपल्ली ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, "हम बाइक टैक्सी रेग्युलेशन पर MoRTH की सलाह की प्रशंसा करते हैं, क्योंकि यह पूरी इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी है।"
आगे उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि जल्द सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बाइक टैक्सियों को परमिट देने के लिए आवेदन स्वीकार करना और उन पर कार्रवाई करना शुरू कर देंगे।''
रैपिडो, स्विगी, ज़ोमैटो, आदि के माध्यम से कई लोगों को रोजगार मिलती है। इसके अलावा रोजगार के लिए कुछ लोग कार पूलिंग करते हैं। कारपूलिंग ऐप्स के माध्यम से एक ही रुट पर यात्रा कर रहें अन्य लोगों को भी सवारी प्रदान की जाती है।
हालांकि परिवहन विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर क्विक राइड और ज़ूम जैसे कारपूलिंग ऐप जैसे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए निजी वाहनों का उपयोग करना अवैध घोषित कर दिया था।
बता दें कि इस मामले में पकड़े जाने पर दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है। जिसमें कि वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र निलंबित करना व वाहन मालिक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाना शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि कारपूलिंग ऐप्स कानून का उल्लंघन करते हैं क्योंकि निजी वाहनों का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता है। परिवहन विभाग की कार्रवाई कार पूलिंग ऐप्स के खिलाफ बेंगलुरु के नारागाम में एक टैक्सी ड्राइवर की लगातार शिकायत पर आधारित थी।


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