उबर: बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध से लाखों का रोजगार खतरे में, दिल्ली सरकार फैसले पर करे पुनर्विचार
Ola Uber Bike Taxi Delhi: दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने के फैसले पर ऑनलाइन कैब कंपनी उबर ने आपत्ति जताई है। उबर का कहना है कि सरकार के इस फैसले से उसके लाखों बाइक टैक्सी चालकों का रोजगार जा सकता है।
कैब कंपनी ने कहा कि इसके फ्लीट में से पेट्रोल टू-व्हीलर के हटने से शहर में बाइक टैक्सी की भारी कमी हो सकती है। इससे हर रोज बाइक टैक्सी में किफायती कीमत पर सफर करने वाले हजारों लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

बता दें कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब कंपनियों के वाहनों के लिए नई नीति पर काम कर रही है। दिल्ली सरकार कैब फ्लीट में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलकर प्रदूषण को कम करना चाहती है।

हालांकि, कैब कंपनियों का कहना है कि इस फैसले से दिल्ली में 1 लाख से ज्यादा कैब और बाइक टैक्सी चालक बेरोजगार हो सकते हैं। उबर ने कहा कि सरकार को दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने के फैसले को वापस लेना चाहिए।

उबर ने यह भी कहा कि कंपनी अपने वाहनों के पूरे फ्लीट को 2040 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक में बदलने की नीति पर काम कर रही है। उबर ने बताया कि कंपनी पब्लिक ट्रांसपोर्ट और माइक्रो मोबिलिटी में जीरो एमिशन वाहनों को उतारेगी।

उबर ने यह भी कहा कि सरकार का यह फैसला न ही कैब कंपनियों और न ही दिल्ली के लोगों के पक्ष में है। बता दें कि उबर ने तीन साल के भीतर भारत में अपनी फ्लीट में 25,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की घोषणा की है। मौजूदा समय में कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 3 लाख से ज्यादा वाहन रजिस्टर्ड हैं।


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