अगर आप भी हेलमेट पहनते समय करते हैं ये गलती, तो हो जाएं सावधान! कट सकता है भारी चालान
सडकों पर दोपहिया वाहन दुर्घटना के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। इसलिए दोपहिया वाहन चलाते समय सुरक्षा के लिए हेलमेट का उपयोग करना अनिवार्य है। हालांकि, कई लोग हेलमेट पहनते समय लापरवाही बरतते हैं जिससे हेलमेट ठीक से उनके सर पर फिट नहीं बैठता और दुर्घटना के समय हेलमेट सर से बाहर आ सकता है। अगर आप भी हेलमेट पहनने में इस तरह की लापरवाही करते हैं तो अब आप पर ट्रैफिक पुलिस भारी जुर्माना लगा सकती है।

हाल ही में सरकार ने ठीक से हेलमेट नहीं पहनने पर दोपहिया सवारों के लिए 2,000 रुपये तक का तत्काल जुर्माना जोड़ने के लिए 1998 के मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव किया है। जानकारी के अनुसार, यदि आपने हेलमेट पहना है लेकिन हेलमेट स्ट्रैप खुला हुआ है, तो आप पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वहीं, अगर हेलमेट बीएसआई (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणित नहीं है तो आपको 1,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके अलावा, यदि आप हेलमेट पहनने के बावजूद ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते हैं या रेड लाइट जंपिंग करते हैं तो आप पर 2,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

आपको बता दें कि राइडिंग करते समय हेलमेट का स्ट्रैप लगाना बेहद जरूरी है। अगर आप हेलमेट का स्ट्रैप नहीं लगाते हैं तो दुर्घटना के समय हेलमेट आपके सर से बाहर निकल सकता है और आपको गंभीर चोटें लग सकती है। आमतौर पर देखा जाता है कि कई बाइक चालक चालान से बचने के लिए टूटा-फूटा हेलमेट लगा लेते हैं। ऐसे तो वह चालान से बच जाते हैं लेकिन यह उनकी सुरक्षा पर सेंध लगा सकता है। सरकार के इस कदम से निश्चित रूप से सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों की संख्या में कमी आएगी।

नकली हेलमेट की बिक्री पर लगी रोक
जानकारी के लिए बता दें कि, पिछले साल जून से सरकार ने देश में बिना बीआईएस प्रमाणित हेलमेट के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी है। अब बगैर बीआईएस प्रमाणित हेलमेट को बेचना दंडनीय अपराध है। इस अधिसूचना के तहत नए नियम को 1 जून, 2021 से लागू कर दिया गया है।

अब गैर आईएसआई मार्क वाले हेलमेट की बिक्री करने पर कम से कम 2 साल की जेल के साथ 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह नियम गैर आईएसआई मार्क हेलमेट के निर्माता, इम्पोर्टर और विक्रेता पर समान रूप से लागू होगा।

बता दें कि भारत में उत्पादों को आईएसआई सेफ्टी मार्क देने का काम ब्योरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स यानी बीआईएस करती है। यह एक सरकारी संस्था है जो उत्पादों के लिए सुरक्षा मानक निर्धारित करती है। बीआईएस के द्वारा निर्धारित किये गए स्टैंडर्ड के अनुसार सभी हेलमेट बनाने वाली कंपनियों को गुणवत्ता प्रमाण लेना पड़ता है।

देश में बिक रहे नकली हेलमेट के चलते बीआईएस ने देश की उच्च न्यायालय के समक्ष चिंता जताई थी कि सड़क दुर्घटनाओं की समय गैर आईएसआई मार्क वाले नकली हेलमेट दोपहिया चालक के सर की सुरक्षा नहीं कर पाते हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की मौत की संख्या में इजाफा हो रहा है।


Click it and Unblock the Notifications








