वार्डविजार्ड के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री मई 2022 में 329% बढ़ी
जॉय ई-बाइक्स ब्रांड के नाम से इलेक्ट्रिक बाइक व स्कूटर बनाने वाली कंपनी वार्डविजार्ड मोबिलिटी (WardWizard Mobility) ने मई 2022 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 329% की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने बीते महीने भारत में 2,055 यूनिट दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की, जबकि पिछले साल इसी महीने कंपनी ने केवल 479 यूनिट्स की बिक्री की थी। कंपनी भारत में हाई स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री कर रही है। कंपनी का लक्ष्य भारत में सभी तरह के दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को लॉन्च करना है।

कंपनी ने हाल ही में हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर लाइनअप में वुल्फ प्लस, जेन नेक्स्ट नानू प्लस और फ्लीट स्कूटर डेल गो को लॉन्च किया है। इन स्कूटरों का उत्पादन गुजरात के वडोदरा प्लांट में शुरू किया जाएगा। तीनों स्कूटरों की बुकिंग कंपनी के सभी डीलरशिप पर शुरू हो गई है। सभी स्कूटर्स 3 साल की व्यापक वारंटी के साथ पेश किये जा रहे हैं। तीनों स्कूटरों को स्थानीयकरण और 'मेक-इन-इंडिया' पहल को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम द्वारा भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर लिथियम-आयन (NMC) डिटेचेबल बैटरी के साथ आते हैं जो 4 घंटे में चार्ज हो सकती है। स्कूटर में तीन राइडिंग मोड हैं- हाइपर मोड, स्पोर्ट्स मोड और इकोनॉमी मोड दिए गए हैं जिन्हें चलाते समय बदला जा सकता है। तीनों स्कूटर रिवर्स मोड, एंटीथेफ्ट रीजेनरेटिव ब्रेकिंग आदि फीचर्स से लैस हैं। पूरी तरह चार्ज होने पर यह स्कूटर 100 किमी तक चलाए जा सकते हैं।

जॉय ई-बाइक ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की निर्माता WardWizard इनोवेशन एंड मोबिलिटी लिमिटेड, गुजरात में 500 करोड़ रुपये के निवेश से नया प्लांट लगाने जा रही है। WardWizard मोबिलिटी, दो और तीन-पहिया वाहनों के अनुसंधान और विकास में निवेश करने के साथ, अपनी वडोदरा सुविधा में मोटर असेंबली की स्थापना करेगी और कच्चे माल के निर्माण के लिए सहायक उपकरण विकसित करेगी। इस पहल से राज्य में 6,000 से अधिक नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

कंपनी द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में निवेश से उपकरण बनाने वाले स्थानीय वेंडरों को भी बढ़ावा मिलेगा। पेट्रोल वाहनों का बेहतर विकल्प उपलब्ध होने से ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए प्रेरित होंगे जिससे मेक-इन-इंडिया के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र सरकार के ई-वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार देश भर में 9.66 लाख इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पंजीकृत हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और बिहार इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने वाले राज्यों में सबसे आगे हैं। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर या चार्जिंग स्टेशनों पर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

ऑटोमोबाइल और ऑटो घटकों के लिए घोषित 25,938 करोड़ रुपये के प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह योजना पांच साल के लिए लागू की गई है।

देश में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए, केंद्र सरकार ने 2015 में पैन-इंडिया आधार पर भारत में फास्टर मॉडुलेशन ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) योजना की शुरूआत की थी। वर्तमान में, FAME योजना के दूसरे चरण को 1 अप्रैल, 2019 से पांच साल की अवधि के लिए लागू किया गया है, जिसमें कुल बजटीय सहायता 10,000 करोड़ रुपये है।


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