टाटा मोटर्स अब हाइड्रोजन इंजन और ई-वाहन बैटरी बनाएगी, अमेरिकी कंपनी से हुआ समझौता
टाटा मोटर्स वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर जोर दे रही है। आने वाले समय में कंपनी हाइड्रोजन से चलने वाले इंजन के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले बैटरी को बनाने का काम करेगी।
इसके लिए कंपनी ने अमेरिका की कॉमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनी कमिंस के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन और कमिंस इंक. के कार्यकारी अध्यक्ष टॉम लाइनबर्गर ने मुंबई में टाटा संस मुख्यालय में 14 नवंबर को इसके लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
बता दें कि कमिंस के पहले से ही 288 बीएचपी आउटपुट और 1,200 न्यूटन मीटर का टॉर्क जनरेट करने वाला B6.7H हाइड्रोजन इंजन है, जो कि बिल्कुल नया इंजन प्लेटफॉर्म है जिसमें पावर डेंसिटी बढ़ाने, फ्रिक्शन लॉस को कम करने और थर्मल दक्षता में सुधार करने के लिए आधुनिक तकनीक वाली विशेषता है।

पोर्टफोलियो में कमिंस इंक. का चौथी पीढ़ी का हाइड्रोजन ईंधन सेल इंजन भी है, जिसे ट्रकों और बसों में इस्तेमाल किया जाता है। फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी 135 किलोवाट सिंगल और 270 किलोवाट डुअल मॉड्यूल में उपलब्ध है। कमिंस के पास एक बैटरी पोर्टफोलियो भी है, जिसमें लिथियम आयरन फॉस्फेट (एलएफपी) और निकेल मैंगनीज कोबाल्ट (एनएमसी) दोनों बैटरी पैक शामिल हैं।
टाटा मोटर्स का कंपनी के वाहनों के लिए कमिंस मिड-रेंज B सीरीज डीजल इंजन बनाने के लिए 1993 से मिलकर काम कर रहे हैं। इस अवसर पर टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष एन चंद्रशेखरनने कहा कि, "हम अपने ग्राहकों को हरित भविष्य के लिए तैयार वाणिज्यिक वाहनों के पोर्टफोलियो बढ़ाकर अत्याधुनिक हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी को स्वदेशी बनाने के लिए उत्साहित हैं।

बता दें कि इसी साल जून में टाटा मोटर्स को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड से 15 हाइड्रोजन-आधारित प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन (पीईएम) ईंधन सेल बसों को बनाने का ऑर्डर मिला है। आईओसीएल ने दिसंबर 2020 में फ्यूल सेल बसों की आपूर्ति के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं और जिसमें टाटा मोटर्स को विजेता के रूप में चुना गया था। समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की तारीख से 144 सप्ताह के भीतर सभी 15 बसों की डिलीवरी की जाएगी।


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