1 जून से थर्ड पार्टी वाहन इंश्योरेंस प्रीमियम होगा महंगा, दोपहिया वाहनों की मांग हो सकती है प्रभावित
1 जून, 2022 से थर्ड पार्टी वाहन इंश्योरेंस प्रीमियम के बढ़ने से दोपहिया वाहन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। टीवीएस मोटर के निदेशक और सीईओ, के. एन. राधाकृष्णन ने इकोनॉमिक टाइम्स ऑटो को बताया कि प्रीमियम के बढ़ने से दोपहिया वाहन खरीदारों की जेब में खर्च का बोझ बढ़ेगा, जिससे दोपहिया वाहनों की बिक्री एक बार फिर सुस्त पड़ सकती है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय वाहन उद्योग कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर रहा है। सेमीकंडक्टर चिप की कमी और निर्माण लागत में बढ़ोतरी के चलते दोपहिया वाहनों की कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हैं। ऐसे में अतिरिक्त खर्च के दबाव से ग्राहकों के लिए दोपहिया वाहन खरीदना और भी महंगा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों से भी दोपहिया वाहनों को चलाने का खर्च बढ़ गया है और ग्राहक लगातार दोपहिया वाहनों पर बढ़ते हुए खर्च से जूझ रहे हैं। ऐसे में प्रीमियम में बढ़ोतरी से संभावित ग्राहक निराश हो सकते हैं।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार 1 जून, 2022 से थर्ड पार्टी वाहन इंश्योरेंस प्रीमियम (Third Party Vehicle Insurance Premium) को महंगा करने जा रही है। यह वृद्धि पिछले 3 साल में पहली बार की जा रही है। अधिसूचना के अनुसार, 1 जून, 2022 से 150cc से ज्यादा क्षमता के दोपहिया वाहनों पर अब थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम 15% अधिक होगा।

वहीं अगले महीने से खरीदे जाने वाले नए दोपहिया वाहनों पर 17 प्रतिशत अधिक थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान करना होगा। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम के बढ़ने से बाइक की ऑन-रोड कीमत में 2,200-2500 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है।

हालांकि, अगले महीने हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को इंश्योरेंस प्रीमियम से कुछ राहत मिल सकती है। नए दरों के अनुसार, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन के प्रीमियम पर 7.5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जबकि 30kW तक की बैटरी क्षमता वाले निजी इलेक्ट्रिक कारों पर 1,780 रुपये का प्रीमियम लगेगा। वहीं, 30kW से 60kW की बैटरी क्षमता वाले निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए 2,904 रुपये के प्रीमियम का भुगतान करना होगा।

सरकार ने कमर्शियल मालवाहक वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में मामूली बढ़ोतरी की है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कवर दुर्घटना में शामिल अन्य वाहनों के लिए होता है, यह एक अनिवार्य इंश्योरेंस कवर है। वाहन खरीदते समय वाहन मालिक दूसरे वाहनों के डैमेज क्लेम को पूरा करने के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कवर खरीदता है। यह बीमा कवर किसी सड़क दुर्घटना के कारण किसी तीसरे पक्ष, आम तौर पर एक व्यक्ति या उसके वाहन को होने वाली किसी भी क्षति के लिए है।

आमतौर पर, भारत बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) वाहन इंश्योरेंस से संबंधित अधिसूचना को जारी करती है। लेकिन यह पहली बार है कि परिवहन मंत्रालय ने खुद एक थर्ड पार्टी वाहन इंश्योरेंस प्रीमियम को बढ़ाने की सूचना जारी की है।


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