पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटर: जानें दोनों में कौन सी स्कूटर आपको खरीदनी चाहिए
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदारों का ध्यान आकर्षित करने में कामयाब हो रही हैं। एक तरफ जहां ओला अपनी एस1 इलेक्ट्रिक स्कूटर की रिकॉर्ड तोड़ बुकिंग का दावा कर रही है, वहीं एथर (Ather) जैसी नई स्कूटर कंपनियां भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों के वजह से पेट्रोल स्कूटरों की लोकप्रियता में कमी आई है।

बिक्री के आंकड़ों को देखें को देश में पेट्रोल स्कूटरों की बिक्री बाइक के बराबर है। सबसे ज्यादा बिकने वाले पेट्रोल स्कूटरों में वर्तमान में Honda Activa, TVS Jupiter और TVS Ntorq 125 का दबदबा है। पिछले कुछ साल में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की लोकप्रियता बढ़ी है, लेकिन अभी भी ये पेट्रोल स्कूटरों जितना भरोसेमंद नहीं हैं। हालांकि, फिर भी इलेक्ट्रिक स्कूटर खर्च की बचत करने में पेट्रोल स्कूटरों के मुकाबले आगे हैं। आइये जानते हैं पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर (Petrol vs Electric Scooter) के बीच क्या अंतर हैं।

कीमत
आमतौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटर की तुलना में अधिक महंगे होते हैं लेकिन सब्सिडी के कारण लागत कम हो गई है। पेट्रोल स्कूटरों को खरीदना सस्ता होता है लेकिन इन्हें चलाने का खर्च अधिक होता है। इसकी तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटर को चलाने और रख-रखाव का खर्च कम होता है। यह इसलिए क्योंकि इलेक्ट्रिक स्कूटर में इंजन नहीं होता है और पुर्जों को रख-रखाव की कम जरूरत होती है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटर की तुलना में कम समय तक चलते हैं। एक पेट्रोल स्कूटर को जहां 8-10 साल तक चलाया जा सकता है वहीं एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी की लाइफ 3-4 साल तक की होती है, जिसके बाद बैटरी को बदलने की जरूरत होती है। इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को बदलना काफी खर्चीला होता है।

परफॉर्मेंस
परफॉर्मेंस के मामले में इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटरों को पीछे छोड़ देते हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटर अधिक पॉवर और टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं जिसके चलते इन्हें भीड़-भाड़ वाले शहरी इलाकों में चलाना आसान होता है। पेट्रोल स्कूटर की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटर का टॉर्क दोगुना अधिक होता है जिसके चलते इलेक्ट्रिक स्कूटर सड़क पर तुरंत रफ्तार पकड़ लेती है।

रेंज और व्यवहारिकता
इस जगह इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटर से मात खा जाती है। भले ही इलेक्ट्रिक स्कूटर अधिक रेंज का दावा करती है लेकिन असल उपयोग में इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज उतनी नहीं होती जितनी रेंज देने का कंपनी दावा करती है। वहीं पेट्रोल स्कूटर में ईंधन भरवाने के बाद कई किलोमीटर तक चलाया जा सकता है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर केवल निश्चित दूरी तक ही चलाई जा सकती है। बैटरी के डिस्चार्ज होने पर इन्हें दोबारा चार्ज करने में भी घंटों का समय लगता है। फास्ट चार्जर से भी इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। इसके अलावा हर जगह चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होती है। वहीं पेट्रोल पंप की हर जगह उपलब्धता के चलते आसानी से पेट्रोल भरवाया जा सकता है।

कौन सी स्कूटर खरीदें?
पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर की खूबियां और खामियां जानने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आपको कौन सी स्कूटर खरीदनी चाहिए। इसका सबसे सरल जवाब यह है कि आप स्कूटर का इस्तेमाल किस तरह करना चाहते हैं। अगर आप एक बड़े शहर में रहते हैं और आप हर रोज एक निश्चित दूरी के लिए ही स्कूटर का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपके लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर बेहतर रहेगी। इसके अलावा अगर आपके घर या ऑफिस में इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने की व्यवस्था है तो आपको बेशक एक इलेक्ट्रिक स्कूटर को ज्यादा महत्व देना चाहिए।

अगर आप व्यापार या किसी अन्य उद्देश्य से स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं या लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, तो इलेक्ट्रिक स्कूटर अपने लिए नहीं है। हालांकि, आजकल की इलेक्ट्रिक स्कूटर 80-120 किलोमीटर की रेंज देने का दावा करती हैं लेकिन असल हालात में इलेक्ट्रिक स्कूटर उतना रेंज देने में नाकामयाब रहती हैं। पेट्रोल स्कूटर इलेक्ट्रिक स्कूटरों की तुलना में अधिक टिकाऊ और भरोसेमंद होते हैं और इनके बारिश में भी खराब होने की संभावना बेहद कम होती है।


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