ओला बनाएगी सस्ती लिथियम-आयन बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत 30 फीसदी तक होगी कम
ओला इलेक्ट्रिक जल्द ही भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी सेल का उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी के एक अधिकारी ने खुलासा किया है कि भारत में सेल निर्माण शुरू होने से ओला अपने इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत 25 से 30 फीसदी कम करने में सफल होगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहन में लगने वाली बैटरी पैक की कीमत में 40 फीसदी सस्ती हो सकती है।

वर्तमान में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण करने वाली कंपनियां सेल के लिए चीन, ताइवान और जापान जैसे देशों पर निर्भर है। सेल के आयात के वजह से इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत में इजाफा हो जाता है। वहीं बैटरी में लगने वाले अन्य उपकरणों का उत्पादन भारत में ही शुरू हो चुका है। ओला फिलहाल एलजी केम (LG Chem) से अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सेल खरीद रही है।

फिलहाल भारत में सेल का स्थानीय उत्पादन नहीं होने से इलेक्ट्रिक वाहनों लगत अधिक है जिससे चलते बाजार में ई-वाहनों की कीमतें पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की तुलना में अधिक हैं। यह देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास में बाधा बन रहा है।

इकोनॉमिक टाइम्स ऑटो ने ओला के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि ओला अपने प्लांट में तैयार होने वाली बैटरी पैक का इस्तेमाल सबसे पहले अपने दोपहिया वाहनों में करेगी। कंपनी की योजना सेल और बैटरी पैक के निर्यात की भी है, हालाँकि घरेलू मांग पूरी होने के बाद ही निर्यात शुरू किया जाएगा।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ओला की सबसे पहले अपने इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत को कम करने और सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रही है। ओला के अधिकारी ने बताया कि अगर ई-वाहनों को बनाने की लागत कम होगी तो कंपनियां उन्हें सुरक्षित बनाने में अधिक निवेश कर सकेंगी। इससे भविष्य में हर ग्राहक को एक किफायती इलेक्ट्रिक वाहन सुनिश्चित की जा सकती है।

ओला ने किया सेल का खुलासा
ओला ने पिछले महीने ही अपनी सेल का खुलासा किया है। कंपनी ने अपनी फ्यूचर फैक्ट्री में बैटरी इनोवेशन सेंटर स्थापित किया है जिसमें विशेषज्ञ सेल को डिजाइन करने का काम कर रहे हैं। ओला के संस्थापक, भाविश अग्रवाल ने बताया था कि वे इस बैटरी इनोवेशन सेंटर को तैयार करने में 500 मिलियन डॉलर का निवेश कर चुके हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इनोवेशन सेंटर हैं।

यह कंपनी का सबसे आधुनिक रिसर्च सेंटर है जहां 500 इंजीनियर और विशेषज्ञ काम करेंगे। ओला इलेक्ट्रिक ने पिछले महीने ही लिथियम-आयन सेल एनएमसी 217 का खुलासा किया था। ओला 2023 से अपनी फ्यूचर फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर सेल का उत्पादन शुरू करने वाली है।

ओला के सेल की खासियत ये है कि यह ई-वाहनों में इस्तेमाल होने वाले साधारण लिथियम सेल के मुकाबले ज्यादा ऊर्जा का भंडारण की क्षमता रखता है। इसके अलावा इसकी लाइफ साइकिल भी अधिक है जिसके चलते इसे लंबे समय तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है।


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