Ola Electric ने पेश की लिथियम-आयन सेल, बैटरी तकनीक में बनेगी आत्मनिर्भर
ओला इलेक्ट्रिक ने मंगलवार को अपनी पहली लिथियम-आयन सेल एनएमसी 2170 का खुलासा किया है। ओला 2023 से अपनी आगामी गीगाफैक्ट्री में बड़े पैमाने पर सेल का उत्पादन शुरू करेगी। यह अत्याधुनिक हाई निकेल सेल कैथोड के तरफ एनएमसी और एनोड की तरफ ग्रेफाइट और सिलिकॉन का उपयोग करता है।

ओला के इस सेल की खासियत है कि यह ई-वाहनों में इस्तेमाल होने वाले साधारण लिथियम सेल के मुकाबले ज्यादा ऊर्जा का भंडारण कर सकता है। इसके अलावा इसकी लाइफ साइकिल भी अधिक है जिसके चलते इसे लंबे समय तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

ओला इलेक्ट्रिक का दावा है इस नए सेल से इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज बढ़ाने में मदद मिलेगी। ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल ने सेल का खुलासा करते हुए कहा कि यह सेल ईवी क्रांति का केंद्र है। ओला दुनिया के सबसे उन्नत सेल अनुसंधान केंद्र का निर्माण कर रही है जो हमें दुनिया में सबसे उन्नत और किफायती ईवी उत्पादों का निर्माण करने में सक्षम बनाएगी।

भाविश ने कहा कि कंपनी के द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित लिथियम-आयन सेल हमारे सेल प्रौद्योगिकी रोडमैप में कई लक्ष्यों में एक है। भारत को वैश्विक ईवी हब बनने के लिए एक मजबूत स्थानीय ईवी पारिस्थितिकी तंत्र होना महत्वपूर्ण है।

कंपनी ने कहा कि वह स्वदेशी उन्नत सेल प्रौद्योगिकियों को बनाने, विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने और एक एकीकृत ओला इलेक्ट्रिक वाहन हब बनाने के लिए शोध और विकास में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत में उन्नत सेल विकसित करने के लिए सरकार द्वारा हाल ही में एसीसी पीएलआई योजना के तहत इसे 20GWh क्षमता आवंटित की गई थी। कंपनी ने कहा, वह 20 GWh तक की प्रारंभिक क्षमता के साथ एक सेल निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है, जो सबसे महत्वपूर्ण हिस्से का स्थानीयकरण करती है। ओला ने कहा कि वह दुनिया भर में शीर्ष प्रतिभाओं की भी भर्ती कर रही है, और 500 पीएचडी और इंजीनियरों को रोजगार देगी।

बता दें, कुछ ही दिनों पहले भाविश ने यूके में बन रहे ओला के रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी की तसवीरें साझा की थीं। ओला ने हाल ही में तमिलनाडु के फैक्ट्री में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी आगामी इलेक्ट्रिक कार का खुलासा किया था। बताया जाता है कि ओला अपनी यूके फैक्ट्री में इलेक्ट्रिक कार का डिजाइन तैयार करेगी।

इस फैक्ट्री में बैटरी सेल तकनीक पर शोध और विकास का भी काम किया जाएगा। ओला इस फैक्ट्री में पांच साल में 750 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है। ओला इलेक्ट्रिक ने गजुआर में काम कर चुके एक पूर्व डिजाइनर को कंपनी में नियुक्त किया है, जो ओला के आगामी वाहनों को डिजाइन करने में अहम भूमिका निभाएंगे।


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