ओला इलेक्ट्रिक ने बिक्री में दी हीरो इलेक्ट्रिक को मात, ई-स्कूटरों में आग के मामलों से बिक्री नहीं हुई कम
भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री शुरू करने के केवल 5 महीनों के भीतर, ओला इलेक्ट्रिक देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचने वाली कंपनी बन गई है। कंपनी ने हीरो इलेक्ट्रिक को पीछे छोड़ते हुए भारत के दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया है। परिवहन मंत्रालय की वाहन पोर्टल के अनुसार, ओला ने अप्रैल 2022 में 12,683 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री की है, जबकि शीर्ष स्थान पर रहने वाली हीरो इलेक्ट्रिक अब तीसरे पायदान पर फिसल गई है।

ओला इलेक्ट्रिक के बाद ओकिनावा ने देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री की है। बीते अप्रैल महीने में ओकिनावा ऑटोटेक ने 10,000 से भी ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री दर्ज की। वहीं, हीरो इलेक्ट्रिक की बिक्री सालाना आधार पर 50 प्रतिशत घटकर केवल 6,570 यूनिट रह गई। हीरो इलेक्ट्रिक ने मार्च 2022 में 13,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे थे।

वाहन पोर्टल के आंकड़ों से ये भी पता चला है कि ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री में पिछले साल दिसंबर से लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचने वाली पांच कंपनियों में एम्पीयर और एथर एनर्जी ने भी जगह बनाई है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री के आंकड़ों के अनुसार एम्पीयर चौथी और एथर पांचवीं कंपनी रही।

बता दें कि ओला और ओकिनावा के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग के मामलों के बावजूद बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं दिखा है। वहीं इन मामलों से दूर रहने के बाजजूद हीरो इलेक्ट्रिक की बिक्री में भारी गिरावट देखी गई है। ओला और ओकिनावा के अलावा प्योर ईवी के भी इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग के कुछ मामले सामने आये हैं। वहीं इन मामलों में कुछ लोगों की जान भी गई है।

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने के मामलों को लेकर अब सरकार ने भी सख्त रवैया अपना लिया है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन निर्माताओं को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे ऐसे मामलों की जांच एक एक्सपर्ट कमेटी से करवाएंगे और वाहन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने का निर्देश जारी करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि सरकार डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों को चिन्हित करेगी। जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए गुणवत्ता केंद्रित दिशानिर्देश जारी किये जाएंगे। यदि कोई कंपनी अपनी प्रक्रियाओं में लापरवाही बरतती है, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा और प्रभावित वाहनों के पूरे बैच को वापस बुलाने का भी आदेश दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए बेहद बुरी खबर है। इससे भारत में तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार की फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट एजेंसी (सीएफईईए) ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को वाहनों में आग लगने का कारण पता करने के लिए नोटिस भेजा है।

स्कूटरों में आग लगने के मामलों के अलावा, इलेक्ट्रिक स्कूटर ग्राहक अन्य कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसमें स्कूटर की खराब बिल्ड क्वालिटी, सॉफ्टवेयर में खराबी, क्विक डिस्चार्ज आदि कई समस्याएं शामिल हैं।


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