ओला पीएलआई स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनाएगी बैटरी, चीन पर निर्भरता होगी कम
ओला इलेक्ट्रिक ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सेल बनाने के लिए केंद्र की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। सॉफ्टबैंक समर्थित ओला ने कहा कि यह भारत सरकार द्वारा अपनी महत्वाकांक्षी 80,000 करोड़ रुपये की सेल पीएलआई योजना के तहत चुनी गई एकमात्र भारतीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी है, जिसने मार्च में अपनी बोली के लिए अधिकतम 20 गीगावाट घंटे (जीडब्ल्यूएच) प्राप्त किया है।

ओला ने हाल ही में स्वदेशी रूप से विकसित लिथियम-आयन सेल - एनएमसी 2170 का खुलासा किया था और स्वदेशी उन्नत सेल प्रौद्योगिकियों को बनाने के लिए मुख्य अनुसंधान और विकास केंद्र विकसित करने में भारी निवेश कर रही है। अपनी आगामी 50-जीडब्ल्यूएच गीगाफैक्ट्री से अपने सेल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने के लिए, ओला पहले ही जर्मनी, दक्षिण कोरिया, जापान और अन्य हब से वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क बना चुकी है।

चीन पर निर्भरता खत्म करने की कोशिश
ओला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और संस्थापक भाविश अग्रवाल ने कहा कि आज सेल निर्माण की वैश्विक क्षमता का 90 प्रतिशत चीन में है। इस आयात निर्भरता को उलटने के लिए, स्थानीय रूप से निर्मित सेल प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण है। उन्नत रसायन विज्ञान सेल पीएलआई योजना (PLI Scheme) भारत को आत्मनिर्भर बनाने और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मूल्य श्रृंखला की सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं को स्थानीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अग्रवाल ने कहा, "ओला में, सेल टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग को विकसित करने का हमारा रोड मैप तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे हम उत्पादों, मोबिलिटी सेवाओं और टेक्नोलॉजी (टेक) में एक मजबूत वर्टिकल इंटीग्रेटेड मोबिलिटी कंपनी बन गए हैं।"

उन्होंने बताया कि ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) बेंगलुरु में अपना बैटरी इनोवेशन सेंटर (बीआईसी) स्थापित करने के लिए करीब 50 करोड़ डॉलर का निवेश कर रही है। इसके अगस्त में चालू होने की उम्मीद है और यह दुनिया के लिए भारत से बाहर कोर सेल तकनीक विकास और बैटरी नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेगा।

ओला तैयार कर रही है एडवांस सेंटर
यह बैटरी इनोवेशन सेंटर भविष्य की सेल तकनीक विकसित करने के लिए बैटरी नवाचार के लिए उन्नत प्रयोगशालाओं और उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल करेगी। कंपनी सेल तकनीक में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए दुनिया भर से शीर्ष प्रतिभाओं की भी भर्ती कर रही है। इसके लिए कंपनी 500 इंजीनियरों की भर्ती करेगी।

ओला कि बैटरी इनोवेशन सेंटर दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे उन्नत सेल रिसर्च एंड डेवलपमेंट सुविधा में से एक होगी, जिसमें सेल से संबंधित सभी पहलुओं को कवर करने के लिए 165 से अधिक 'अद्वितीय और अत्याधुनिक' प्रयोगशाला उपकरण होंगे। कंपनी ने निवेश के लिए समय अवधि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह तीन से पांच साल का है।

भारत में ओला इलेक्ट्रिक, एथर एनर्जी, हीरो इलेक्ट्रिक, बजाज, टीवीएस मोटर, बाउंस, ओकिनावा और बूम मोटर्स जैसे इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में है। ओला की इलेक्ट्रिक कार, मोटरसाइकिल, स्पोर्ट यूटिलिटी वाहन और रोबोटैक्सिस लॉन्च करने की भी योजना है।

इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2027 तक 90 लाख यूनिट को पार करने की उम्मीद है और यह उद्योग 2030 तक 1 करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष और 5 करोड़ से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा।


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