ओला ने 1,441 इलेक्ट्रिक स्कूटरो को किया रिकाॅल, आग लगने की वजह का लगाएगी पता
ओला इलेक्ट्रिक अपने एक हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटरों को वापस बुला रही है। कंपनी के एक बयान के अनुसार, वाहनों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर ओला इलेक्ट्रिक अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की 1,441 यूनिट को रिकॉल कर रही है। कंपनी ने कहा कि वह 26 मार्च को पुणे में ओला स्कूटर में आग लगने की घटना की जांच कर रही है और जल्द ही स्कूटर में आग लगने के कारणों का खुलासा करेगी।

हालांकि, स्कूटरों को आग से बचाने के लिए पूर्व उपाय करते हुए कंपनी ने उस बैच में निर्मित सभी 1,441 स्कूटरों को वापस रिकॉल कर रही है। ओला ने कहा कि रिकॉल होने वाली स्कूटरों का हमारे सेवा इंजीनियरों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा और बैटरी सिस्टम, थर्मल सिस्टम के साथ-साथ सुरक्षा प्रणालियों की भी पूरी तरह से जांच की जाएगी।

ओला इलेक्ट्रिक के अनुसार, उसके इलेक्ट्रिक स्कूटरों के बैटरी भारत की AIS 156 स्टैंडर्ड के साथ-साथ यूरोपीय ECE 136 स्टैंडर्ड का भी अनुपालन करते हैं। हाल ही में, देश के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगने की व्यापक घटनाएं हुई हैं, जिससे निर्माताओं को अपने वाहनों को वापस बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

आग की घटनाओं के बाद ओकिनावा ऑटोटेक ने 3,000 यूनिट, जबकि प्योरईवी ने लगभग 2,000 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहनों को वापस बुलाया। इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटनाओं की जांच करने और निर्माताओं पर उचित कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार ने एक विशेष पैनल गठित किया है। हाल ही में केंद्र सरकार की फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट एजेंसी (सीएफईईए) ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को वाहनों में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए नोटिस भेजा है।

वहीं, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने सीएफईईए को ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए उपाय सुझाने का निर्देश दिया है। आग लगने के मामलों के अलावा, इलेक्ट्रिक स्कूटर ग्राहक अन्य कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसमें स्कूटर की खराब बिल्ड क्वालिटी, सॉफ्टवेयर में खराबी, क्विक डिस्चार्ज आदि कई समस्याएं शामिल हैं।

बता दें कि परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को सख्त निर्देश दिया है। गडकरी ने वाहन निर्माताओं को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे ऐसे मामलों की जांच एक एक्सपर्ट कमेटी से करवाएंगे और वाहन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने का निर्देश जारी करेंगे।

गडकरी के अनुसार, भारत सरकार डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों पर जरूरी ऑर्डर जारी करेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए गुणवत्ता केंद्रित दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। यदि कोई कंपनी अपनी प्रक्रियाओं में लापरवाही बरतती है, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा और सभी दोषपूर्ण वाहनों को वापस बुलाने का भी आदेश दिया जाएगा।"

इस महीने की शुरूआत में ओला ई-स्कूटर में आग लगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद प्योर ईवी के एक स्कूटर में भी आग लग गई थी। वहीं ओकिनावा इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने से दो लोगों की जान चली गई थी। कंपनियों का कहना है कि वे घटनाओं की जांच कर रही हैं।


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