अब Ola Electric बैटरी सेल का भी करेगी उत्पादन, कई विदेशी कंपनियों से चल रही है बात
जहां एक ओर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी Ola Electric की इलेक्ट्रिक स्कूटर्स बाजार में धूम मचा रही हैं, वहीं अब जानकारी सामने आ रही है कि कंपनी बैटरी सेल निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने की योजना पर काम कर रही है। सॉफ्टबैंक समूह समर्थित कंपनी भारत में 50 गीगावाट घंटे तक की क्षमता वाला बैटरी सेल निर्माण संयंत्र बनाने के लिए कई वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं के साथ बातचीत कर रही है।

अपने व्यापक इलेक्ट्रिकफिकेशन को बढ़ावा देने के हिस्से के रूप में, फर्म की 50 Gwh बैटरी प्लांट के साथ-साथ एडवांस सेल और बैटरी तकनीक वाली कंपनियों में निवेश करने की योजना है। Ola Electric को सालाना एक करोड़ इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने के लिए 40 गीगावॉट की बैटरी क्षमता की जरूरत है।

इसमें से बची हुई बैटरी क्षमता का इस्तेमाल कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक कारों के लिए करेगी, जिसे कंपनी भविष्य में उतारने की योजना बना रही है। कुछ जानकारों की मानें तो सेल बैटरी प्लांट की लागत लगभग 1 बिलियन अमरीकी डालर यानी करीब 7,700 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की हो सकती है।

बताया जा रहा है कि इसे 1 Gwh की प्रारंभिक क्षमता के साथ बनाया जा सकता है, जिसका भविष्य में विस्तार किया जाएगा। इस मामले के जानकारों ने बताया कंपनी के मुख्यालय में Ola के संस्थापक और सीईओ भाविश अग्रवाल से मिलने के लिए 40 से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ता पहले से ही बेंगलुरु में हैं।

इसके अलावा वे इस सप्ताह तमिलनाडु के कृष्णागिरी में ओला फ्यूचरफैक्ट्री का भी दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि Ola Electric ने जर्मनी, कोरिया, जापान और अन्य हब के वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं के साथ अपनी बैटरी निर्माण महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बातचीत शुरू की है।

आपको बता दें कि मौजूदा समय में कंपनी दक्षिण कोरिया से अपनी बैटरी सेल आयात करती है। ड्यूर और सीमेंस जैसी कंपनियां भी आपूर्तिकर्ताओं की सूची में हैं। बैटरी सेल निर्माण क्षेत्र में CATL, LG, एनर्जी सॉल्यूशंस और पैनासोनिक का वर्चस्व है, जो Tesla और Volkswagen जैसे वाहन निर्माताओं को आपूर्ति करते हैं।

उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया की सबसे युवा इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों में से एक Ola Electric, अगले साल तक सेल निर्माण शुरू करने की इच्छुक है। कंपनी के सीईओ पहले ही कह चुके हैं कि भारत जल्द ही चीन की जगह ले सकता है और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर सकता है।

इस दिशा में, Ola ने पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने की योजना बनाई है, जिसमें सेल और बैटरी तकनीक, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, इंटरकनेक्टेड के साथ-साथ ऑटोनॉमस वाहन प्रौद्योगिकियां भी शामिल हैं।

Ola Electric एकमात्र भारतीय ऑटो और ईवी कंपनी है, जिसे सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 80,000 करोड़ रुपये सेल पीएलआई योजना के तहत 2 साल में एक उन्नत सेल निर्माण कारखाना स्थापित करने के लिए चुना है।


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