होंडा के इस मोटरसाइकिल में नहीं डलवाना होगा पेट्रोल, जल्द आ रही है नए इंजन वाली बाइक
होंडा मोटरसाइकिल्स एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) बहुत जल्द भारत में फ्लेक्स इंजन (Flex Engine) बाइक लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह भारतीय दोपहिया वाहन बाजार में कंपनी की तरफ से एक बड़ा कदम होगा। होंडा पहले से ही ब्राजील के बाजार में फ्लेक्स फ्यूल बाइक्स की बिक्री कर रही है। जानकारी के अनुसार, कंपनी भारत में एक या दो फ्लेक्स फ्यूल मॉडल को लॉन्च करने की योजना बना सकती है।

होंडा मोटरसाइकिल देश में दूसरी कंपनी होगी जो फ्लेक्स इंजन मोटरसाइकिल लॉन्च करेगी। इससे पहले टीवीएस मोटर अपनी अपाचे आरटीआर 200 एफआई बाइक को फ्लेक्स इंजन में लॉन्च कर चुकी है। होंडा ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक मॉडलों को लॉन्च करने की योजना भी बना रही है। इन मॉडलों को बहुत जल्द बाजार में उतारा जा सकता है। फिलहाल, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए कंपनी भारतीय बाजार का अध्ययन कर रही है।

फ्लेक्स इंजन की बात करें तो होंडा इन्हें लॉन्च करने में अग्रणी निर्माता रही है। होंडा ने वैश्विक बाजार में CG 150 Titan मोटरसाइकिल को लॉन्च किया था। यह दुनिया की पहली फ्लेक्स इंजन बाइक थी जिसे 2009 में ब्राजील में लॉन्च किया गया था। यह बाइक केवल पेट्रोल या एथेनॉल के चलने के साथ दोनों के मिश्रण से भी चल सकती थी।

बता दें कि होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर के तरफ से यह बयान तब आया है जब भारत सरकार प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए वाहन निर्माताओं से फ्लेक्स इंजन वाहनों का उत्पादन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

क्या है फ्लेक्स इंजन?
फ्लेक्स इंजन वाले वाहन पूरी तरह एथेनॉल या पेट्रोल और एथेनॉल के मिश्रण से चल सकते हैं। बायो फ्यूल यानी एथेनॉल से चलने के कारण ऐसे वाहन हानिकारक जैसों का उत्सर्जन कम करते हैं और पर्यावरण के लिए भी कम नुकसानदेह होते हैं। केंद्र सरकार फ्लेक्स-फ्यूल इंजन पॉलिसी तैयार कर रही है जिसे जल्द ही पेश किया जा सकता है। इस नीति के लागू होने के बाद देश में वाहनों कंपनियों के लिए फ्लेक्स-इंजन वाहन का निर्माण करना अनिवार्य होगा।

एक अनुमान के अनुसार, फ्लेक्स फ्यूल से भारत में हर साल 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के एथेनॉल का कारोबार किया जा सकता है। एथेनॉल के उपयोग से पेट्रोल का आयात कम होगा और करोड़ों रुपये के राजस्व की बचत भी की जा सकेगी। इसके अलावा एथेनॉल मिश्रित फ्लेक्स फ्यूल के इस्तेमाल से वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा।

बायो फ्यूल यानी एथेनॉल की कीमत पेट्रोल से 30-35 रुपये सस्ती हो सकती है। चूंकि एथेनॉल पेट्रोलियम उत्पाद नहीं है, इसलिए पेट्रोल की कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर एथेनॉल की कीमत पर नहीं पड़ेगा। भारत में एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने, मक्के और गेहूं की फसल से किया जा रहा है।


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