हाई स्पीड और लो-स्पीड इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में क्या है अंतर? कौन सा होगा आपके लिए ज्यादा फायदेमंद
भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया उद्योग अब काफी गति से आगे बढ़ रहा है, इसके मुख्य कारण सरकार द्वारा मिलने वाली सब्सिडी और EV के बारे में लगातार बढ़ती जागरूकता है और इसके परिणामस्वरूप EV को लोगों द्वारा तेजी से अपनाया जा रहा है। अब बिक्री पर मॉडलों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ निर्माताओं की भी संख्या ढेर सारी है।

उन व्यापक पोर्टफोलियो में दो अलग-अलग प्रकार के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन मौजूद हैं, जिनमें हाई स्पीड और लो-स्पीड वाहन शामिल हैं। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल उठता है इन दोनों को क्या अलग करता है? तो आज यहां हम आपको इसी सवाल का जवाब देने वाले हैं।

परफॉर्मेंस और लाइसेंसिंग
हाई-स्पीड ईवी को लो-स्पीड वाले से अलग करने वाले प्रमुख कारकों में से एक लाइसेंस और पंजीकरण की आवश्यकता के साथ-साथ टॉप-स्पीड और ओवरऑल परफॉर्मेंस भी है। 25 किमी प्रति घंटा या उससे कम की अधिकतम गति वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को कम गति वाले EV के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

वहीं दूसरी ओर हाई-स्पीड मॉडल बहुत अधिक गति तक पहुंचने में सक्षम होते हैं, जो उन्हें अपने पेट्रोल-संचालित समकक्षों के बराबर बनाता हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कम गति वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को किसी प्रकार के लाइसेंस या पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि वे एक विशिष्ट 'मोटर वाहन' के दायरे में नहीं आते हैं। इसका मतलब है कि उन्हें रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन टैक्स से भी छूट मिलती है। इसीलिए ये इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहन बिगिनर्स और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह से आदर्श माने जाते हैं।

कुछ मामलों में ऐसे कम गति वाले ई-स्कूटर का उपयोग डिलीवरी और अन्य B2B उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है। वहीं दूसरी ओर एक हाई-स्पीड EV को किसी भी ICE वाहन की तरह ही पंजीकृत करना होता है और इसे चलाने के लिए एक वैध लाइसेंस की आवश्यकता होती है। ये आमतौर पर व्यक्तिगत उपयोग के लिए द्वितीयक या प्राथमिक वाहन के रूप में खरीदे जाते हैं।

फीचर्स
चूंकि कम गति वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन अक्सर लागत के प्रति सचेत होते हैं, इसलिए उन्हें न्यूनतम फीचर्स के साथ कम कीमत पर बनाया जाता है। इस बीच, हाई-स्पीड EV तकनीक से भरी हुई होती हैं। इन फीचर्स में फुल टीएफटी डिस्प्ले, ब्लूटूथ स्मार्टफोन कनेक्शन, GPS, ओवर द एयर (OTA) व अन्य शामिल हैं।

इतना ही नहीं, बहुत सारे लो-स्पीड EV फ्रंट और रियर ड्रम ब्रेक सेटअप से लैस हैं क्योंकि उनकी टॉप स्पीड के लिए अधिक सोफिस्टिकेटेड ब्रेकिंग की आवश्यकता नहीं होती है। दूसरी ओर, हाई-स्पीड वाले आमतौर पर फ्रंट डिस्क और रियर ड्रम ब्रेक के साथ आते हैं, इनमें सीबीएस स्टैंडर्ड तौर पर मिलता है।

कीमत
इलेक्ट्रिक वाहन हो या कोई अन्य वाहन, किसी भी वाहन को खरीदते समय सबसे प्रमुख पहलुओं में से एक है उसकी कीमत। लो-स्पीड EV आमतौर पर 40,000 से 70,000 रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच बेचे जाते हैं, वहीं हाई-स्पीड EV की कीमत 80,000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक हो सकती है।

कुछ लोकप्रिय लो-स्पीड EVs में Hero Electric Flash LX, Optima LX, Okinawa Lite और Okinawa R30 जैसे अन्य उत्पाद शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि पेडल-असिस्टेड और प्योर इलेक्ट्रिक साइकिल भी लो-स्पीड श्रेणी के अंतर्गत ही शामिल शामिल की जाती हैं।

वहीं दूसरी ओर कुछ हाई-स्पीड EV में Ola S1 Pro, Ather 450X, TVS iQube Electric और Revolt RV 400 शामिल हैं। RV400 सबसे लोकप्रिय ई-बाइक है और यदि आप एक परफॉर्मेंस ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की तलाश में हैं, तो आपको Ultraviolette F77 की ओर रुख करना चाहिए।


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