हीरो मोटोकाॅर्प इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लगाएगी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, Gogoro में किया निवेश
भारत की सबसे बड़ी दोपहिया निर्माता हीरो मोटोकॉर्प इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग तकनीक विकसित करने वाली ताइवानी कंपनी Gogoro में निवेश करने का ऐलान किया है। एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने बताया है कि यह निवेश 285 मिलियन डॉलर (लगभग 1,800 करोड़ रुपये) का होगा जो बैटरी स्वैपिंग से जुड़े तकनीक में किया जाएगा। यह एक हफ्ते के भीतर हीरो मोटोकॉर्प द्वारा घोषित दूसरा बड़ा निवेश है। इससे पहले, भारतीय दोपहिया निर्माता ने घोषणा की थी कि वह इलेक्ट्रिक स्कूटर स्टार्टअप एथर एनर्जी में 420 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

ताइवान की Gogoro इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग की सुविधा प्रदान करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। Gogoro हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों एक लिए दुनिया के कई देशों में बैटरी स्वैपिंग सर्विस प्रदान करती है। Gogoro अपने बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों पर ग्राहकों के डिस्चार्ज्ड बैटरी को बदलकर उन्हें पूरी तरह चार्ज बैटरी प्रदान करती है। यह सर्विस हर दिन के शुल्क या मासिक सब्सक्रिप्शन के आधार पर दिया जाता है।

इसके अलावा, Gogoro के बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा भी मिलती है। कंपनी ने 5 साल से भी कम समय में 150 करोड़ अमेरिकी डॉलर का राजस्व उत्पन्न कर लिया है। वर्तमान में 4.5 लाख से ज्यादा ग्राहक Gogoro के बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों का लाभ उठा रहे हैं।

आपको बता दें कि, पिछले साल अप्रैल में ही हीरो मोटोकॉर्प ने Gogoro के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। हीरो मोटोकॉर्प इस साल मार्च में अपनी पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में हीरो इलेक्ट्रिक स्कूटरों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में Gogoro महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हीरो मोटोकॉर्प के साथ साझेदारी के तहत Gogoro ताइवान के सफल बिजनेस मॉडल को भारत में लागू करेगी।

बता दें कि हीरो मोटोकॉर्प इस साल अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर को भारतीय बाजार में लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर रही है। कंपनी ने पिछले साल 'Vida' (विदा) के नाम से इलेक्ट्रिक स्कूटरों के लिए एक नए ब्रांड ट्रेडमार्क पंजीकृत करवाया है। पंजीकृत ट्रेडमार्क नाम से कंपनी भविष्य में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों को भी पेश कर सकती है। फिलहाल, इलेक्ट्रिक स्कूटर के ब्रांड को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

पिछले साल अगस्त में हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन, पवन मुंजाल ने कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर के कॉन्सेप्ट मॉडल का खुलासा किया था। यह स्कूटर बेहद स्लिम डिजाइन के साथ ब्लैक और व्हाइट रंग के कॉम्बिनेशन में पेश की गई थी। इस स्कूटर में सामने 12-इंच और पीछे 10-इंच का अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं।

वहीं स्कूटर के फ्रंट में टेलीस्कोपिक फोर्क और रियर में मोनोशॉक सस्पेंशन लगाया गया है। स्कूटर का डिजाइन एक साधारण पेट्रोल इंजन स्कूटर के जैसा है। स्कूटर में पीछे सिंगल साइडेड स्विंगआर्म दिया गया है, वहीं मोटर को पिछले पहिये से जोड़ने के लिए बेल्ट ड्राइव का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी ने स्कूटर में स्प्लिट सीट और पीछे बैठने वाले के लिए ग्रैब रेल दिया है।

बता दें कि 2010 में हुए एक पारिवारिक समझौते के तहत, हीरो मोटोकॉर्प के पवन मुंजाल को किसी भी इलेक्ट्रिक दो, तीन या चार पहिया वाहन के लिए 'हीरो' ब्रांड नाम का उपयोग करने से रोक दिया गया है। इस समझौते के तहत इस ब्रांड का वैश्विक अधिकार पवन मुंजाल के चचेरे भाई विनय मुंजाल और उनके बेटे नवीन मुंजाल के पास हैं।

हीरो इलेक्ट्रिक के पास भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में 36 प्रतिशत मार्केट शेयर है और 2021 में 65,000 से अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री की है। हीरो इलेक्ट्रिक के पास अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 'हीरो' ब्रांड का उपयोग करने का पूरा अधिकार है। इस तरह, हीरो मोटोकॉर्प किसी भी ईवी व्यवसाय के लिए 'हीरो' ब्रांड नाम का उपयोग करने में सक्षम नहीं है।

हीरो इलेक्ट्रिक और हीरो मोटोकॉर्प अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) व्यवसायों के लिए हीरो ब्रांड के इस्तेमाल को लेकर अदालत भी पहुंच चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय में हीरो ब्रांड के विशेष उपयोग को लेकर हीरो इलेक्ट्रिक ने हीरो मोटोकॉर्प के प्रमोटर और चेयरमैन पवन मुंजाल के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।


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