डिलीवरी वाहनों में बढ़ रहा है हीरो इलेक्ट्रिक का जलवा, इस कंपनी को सौंपेगी 1,000 ई-स्कूटर
देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माता हीरो इलेक्ट्रिक (Hero Electric), इलेक्ट्रिक वाहन आधारित लॉजिस्टिक्स कंपनी EVIFY को अगले दो साल के भीतर 1,000 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की डिलीवरी करेगी। कंपनी ने 50 इलेक्ट्रिक स्कूटर यूनिट को तैयार कर लिया है जिसकी डिलीवरी अगले महीने ही कर दी जाएगी। हीरो इलेक्ट्रिक इस साल के अंत तक EVIFY को 500 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की डिलीवरी करेगी जिन्हें टियर-2 और टियर-3 शहरों में उतारा जाएगा।

लॉजिस्टिक्स बिजनेस में अब कंपनियां पारंपरिक वाहनों के जगह इलेक्ट्रिक वाहनों पर निवेश करना पसंद कर रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का खर्च बेहद कम है, साथ ही इनके रख-रखाव में भी काफी कम खर्च आता है। EVIFY का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों से ऑपरेटिंग कॉस्ट में काफी होगी जिससे कंपनी का मुनाफा बढ़ेगा।

हाल ही में हीरो इलेक्ट्रिक ने इवन कार्गो को 10,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर डिलीवर करने के लिए करार किया है। इवन कार्गो पूरी तरह महिला ऑपरेटर द्वारा संचालित डिलीवरी प्लेटफॉर्म है। इसके अलावा कंपनी ने लास्ट-माइल डिलीवरी प्लेटफॉर्म शैडोफैक्स को भी 10,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर देने के लिए साझेदारी की है।

हीरो इलेक्ट्रिक अपने वाहनों के लिए देश भर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रही है। 2022 के अंत तक हीरो के 10,000 चार्जिंग स्टेशन शुरू हो जाएंगे। कंपनी ने यह भी बताया कि ये चार्जिंग स्टेशन सभी तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए उपलब्ध होंगे और इलेक्ट्रिक वाहनों को स्टैंडर्ड चार्जिंग का विकल्प प्रदान किया जाएगा।

हीरो इलेक्ट्रिक देश के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर वाहनों के क्षेत्र में प्रमुख निर्माता है। कंपनी कई स्कूटर मॉडल्स का निर्माण करती है और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी ढांचे ने निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कंपनी की बिक्री में हाई-स्पीड सिटी स्कूटर NYX और Optima का अहम योगदान है। हीरो इलेक्ट्रिक ऐसे कई हाई-स्पीड और लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पेश करती है।

बता दें कि केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्य सरकारें भी अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों के तहत बैटरी से चलने वाले वाहनों के रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दे रही हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बैटरी से चलने वाले सभी वाहनों पर जीएसटी दर (GST Rate) को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी सब्सिडी और छूट देकर इलेक्ट्रिक वाहनों के उतपादन और बिक्री को प्रोत्साहित कर रही हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए 26,000 करोड़ रुपये की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी है। हालांकि, पिछली योजनाओं से अलग इस बार सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में ध्यान केंद्रित कर रही है। पिछले साल केंद्र सरकार ने ऑटोमोबाइल और कल-पुर्जा क्षेत्र के लिए 57,043 करोड़ रुपये की पीएलआई स्कीम की घोषणा की थी। हालांकि, सरकार ने हाइड्रोजन ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इस क्षेत्र के लिए योजना को घटाकर 25,938 करोड़ रुपये कर दिया है। यह योजना 5 साल के लिए लागू की गई है।


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