ब्रांड विवाद को लेकर हीरो इलेक्ट्रिक और हीरो मोटोकाॅर्प के बीच होगी मध्यस्थता
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुंजाल परिवार के दो गुटों विजय कुमार मुंजाल और पवन कुमार मुंजाल के नेतृत्व वाले विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है। मामला पवन मुंजाल के नेतृत्व में हीरो मोटोकॉर्प द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 'हीरो' ब्रांड नाम के इस्तेमाल से जुड़ा है। विजय कुमार मुंजाल और उनके बेटे नवीन मुंजाल, जो हीरो इलेक्ट्रिक के मालिक हैं, ने हीरो मोटोकॉर्प द्वारा अपने ईवी व्यवसाय के लिए 'हीरो' ब्रांड के इस्तेमाल का विरोध किया है। हीरो इलेक्ट्रिक के मुताबिक, हीरो मोटोकॉर्प ने विवादों को मध्यस्थता में भेजने की याचिका का विरोध किया था।

हीरो इलेक्ट्रिक ने एक बयान में कहा कि हीरो इलेक्ट्रिक द्वारा विवादों को मध्यस्थता के लिए एक याचिका दायर की गई थी, जिसका हीरो मोटोकॉर्प ने कड़ा विरोध किया था। कोर्ट ने हीरो मोटोकॉर्प की सभी दलीलों को खारिज करते हुए, पारिवारिक व्यवस्था के तहत सभी विवादों को तीन सदस्यीय मध्यस्थ न्यायाधिकरण के पास भेज दिया है। हरि इलेक्ट्रिक ने आगे कहा कि पक्षों के बीच सभी विवादों के संदर्भ को देखते हुए, हम विधिवत गठित न्यायाधिकरण के समक्ष हीरो मोटोकॉर्प के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा के लिए प्रार्थना करेंगे।

विजय मुंजाल ने बेटे नवीन मुंजाल के साथ अक्टूबर में अदालत का दरवाजा खटखटाकर मध्यस्थता की मांग की थी, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय के लिए 'हीरो' ब्रांड के उपयोग पर स्वामित्व का दावा किया गया था। यह मुद्दा 2010 में एक पारिवारिक समझौते की शर्तों को लेकर है, जब परिवार के प्रत्येक गुट को उनके द्वारा प्रबंधित व्यवसायों का स्वामित्व प्राप्त हुआ।

इस समझौते के तहत, हीरो मोटोकॉर्प के मालिक पवन मुंजाल को किसी भी इलेक्ट्रिक दो, तीन या चार-पहिया वाहनों के लिए 'हीरो' ब्रांड नाम का उपयोग करने से रोक दिया गया था। समझौते के तहत, हीरो इलेक्ट्रिक का वैश्विक अधिकार पवन मुंजाल के चचेरे भाई विजय मुंजाल और उनके बेटे नवीन मुंजाल के पास है।

हीरो इलेक्ट्रिक और हीरो मोटोकॉर्प अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) व्यवसायों के लिए हीरो ब्रांड के इस्तेमाल को लेकर इस साल जनवरी में अदालत का रुख किया था। विजय मुंजाल, अपने बेटे नवीन मुंजाल के साथ, भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी हीरो इलेक्ट्रिक के मालिक हैं, और 15 वर्षों से अधिक समाया से ईवी व्यवसाय में हैं। अब, इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय में 'हीरो' ब्रांड के विशेष उपयोग को लेकर हीरो इलेक्ट्रिक और हीरो मोटोकॉर्प के बीच विवाद एक बार फर सामने आ गया है।

हीरो इलेक्ट्रिक के पास भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में 36 प्रतिशत मार्केट शेयर है और उसने 2021 में 65,000 से अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री की है। हीरो इलेक्ट्रिक के पास हीरो ब्रांड के साथ इलेक्ट्रिक वाहन के सभी अधिकार हैं, और इस तरह, हीरो मोटोकॉर्प किसी भी ईवी व्यवसाय के लिए 'हीरो' ब्रांड नाम का उपयोग करने में सक्षम नहीं है।

हीरो मोटोकॉर्प की बात करें तो, कंपनी ने जनवरी 2022 में 26,193 यूनिट हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री की है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी अवधि में बेची गई 4,899 यूनिट की तुलना में पांच गुना अधिक है। जनवरी 2022 में हीरो इलेक्ट्रिक देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचने वाली कंपनी बन गई है। बता दें कि दिसंबर 2021 में ओकिनावा ने हीरो इलेक्ट्रिक से ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री की थी।

वर्तमान में, हीरो इलेक्ट्रिक तीन मुख्य हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर मॉडल - हीरो ऑप्टिमा, हीरो एनवाईएक्स और हीरो फोटॉन - को बेचती है, जिनमें से दो सिंगल और डुअल-बैटरी संस्करणों में उपलब्ध हैं। हीरो इलेक्ट्रिक ने हाल ही में महिंद्रा समूह के साथ पांच साल का गठबंधन किया है। इस गठबंधन के हिस्से के रूप में, महिंद्रा पीथमपुर में अपने संयंत्र में हीरो के इलेक्ट्रिक स्कूटर का निर्माण करेगी, और दोनों कंपनियां आगामी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के विकास पर भी सहयोग करेंगी।


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