इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली पांच कंपनियों को सरकार से मिला नोटिस
इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में आग लगने की घटनाओं पर खुद संज्ञान लेते हुए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने पांच ई-वाहन निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की मुख्या आयुक्त निधि खरे ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण ने पांच ई-वाहन निर्माता कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

उन्होंने बताया कि सीसीपीए ने डीआरडीओ की द्वारा गठित कमेटी से रिपोर्ट भी मांगी है। सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (सीएफईईएस) के विशेषज्ञों की एक टीम ने इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के कारणों का पता लगाया है। यह एजेंसी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अंतर्गत काम करती है।

निधि खरे ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं में कई लोगों की जान भी गई है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या बाजार में बेचे जा रहे स्कूटर तय मानकों पर खरे उतर रहे हैं।

आग लगने से कई लोगों की गई जान
आपको बता दें कि इस साल देश भर में ई-स्कूटरों में आग लगने के 38 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने से कुछ लोगों की जान भी गई है। पहला मामला इस साल मार्च में पुणे में सामने आया जहां एक ओला स्कूटर में आग लग गई। इसके बाद प्योर ईवी, जितेन्द्र इलेक्ट्रिक और ओकिनावा के इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी आग लगने के कुछ मामले सामने आए। वहीं, जून में महाराष्ट्र में एक टाटा नेक्सन ईवी कार में भी आग लग गई।

कंपनियों ने वाहनों को वापस मंगाया
अब तक ओला इलेक्ट्रिक, ओकिनावा, जितेंद्र इलेक्ट्रिक और प्योर ईवी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने के मामले सामने आए हैं। इसके बाद कंपनियों ने अपने हजारों स्कूटरों को बाजार से वापस मंगा लिया है। सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी कि कंपनियों द्वारा 6,000 से ज्यादा ई-स्कूटर वापस मंगाए गए हैं। ओकिनावा 3,000 से ज्यादा स्कूटरों को वापस बुला चुकी है।

जांच कमेटी ने बैटरियों को ठहराया जिम्मेदार
जांच कमेटी ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों के बैटरी डिजाइन और माॅड्यूल के साथ-साथ पूरे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) में गंभीर समस्या है, जिसके चलते बैटरियों के अधिक गर्म होने से उनमें आग लग रही है। जांच कमेटी ने यह भी बताया कि कुछ बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनियां अपने उत्पादों की लागत कम करने के लिए निम्न श्रेणी की सामग्री का इस्तेमाल कर रही हैं।

बैटरियों के लिए प्रदर्शन मानक लागू
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने देश में बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं के बीच उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए लिथियम आयन बैटरी के लिए अब नए प्रदर्शन मानक जारी किए हैं।

नई लिथियम बैटरी के मानक के अनुसार अब इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को बैटरी की विश्वसनीयता, चार्जिंग क्षमता, अलग-अलग वातावरण और तापमान में काम करने की क्षमता की जांच के लिए बैटरियों का अलग से परीक्षण करना होगा। नए मानकों में लिथियम-आयन बैटरियों के परीक्षण से संबंधित प्रक्रिया को भी सूचित किया गया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही ईवी निर्माताओं को लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। गडकरी ने कहा है कि अगर कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं को नहीं रोक पाती हैं तो उनपर सरकार दंडात्मक कार्रवाई करेगी।


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