#FactCheck: दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लाॅन्च को रोकने की खबरें फर्जी, सरकार ने जारी किया बयान
नए दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लॉन्च पर रोक लगाने की चल रही खबरों पर केंद्र सरकार ने ट्वीट के जरिये अपना बयान जारी किया है। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इन खबरों को फर्जी बताते हुए कहा कि सरकार ने निर्माताओं को ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया है। मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि ऐसी खबरें "निराधार, भ्रामक और सत्य से कोसों दूर हैं।"

कुछ दिनों से मीडिया में यह खबरें चल रही थीं कि केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में आग लगने की घटनाओं की जांच होने तक नए लॉन्च को रोकने का आदेश दिया है। गुरुवार (28 अप्रैल) को इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि मंत्रालय ने दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं की संख्या पर चर्चा करने के लिए सोमवार को बैठक बुलाई थी, जिसमें कंपनियों को इन मामलो की जांच होने तक नए दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लॉन्च को रोकने का निर्देश दिया था।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि नए वाहनों के लॉन्च को रोकने के अलावा, ईवी दोपहिया निर्माताओं को उन वाहनों के विशेष बैच को वापस लेने के लिए भी कहा गया है जिनमें आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं।

आग के मामलों पर सरकार हुई सख्त
बता दें कि पिछले हफ्ते केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि अगर इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगती है तो निर्माताओं को लापरवाही के लिए भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। गडकरी ने कहा था कि अगर कोई कंपनी अपनी प्रक्रियाओं में लापरवाही बरतती है, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा, और सभी खराब वाहनों को वापस बुलाने का भी आदेश दिया जाएगा।

इसके लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट एजेंसी (सीएफईईए) को ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए उपाय सुझाने के निर्देश दिए हैं। आग लगने के मामलों के अलावा, इलेक्ट्रिक स्कूटर ग्राहक अन्य कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसमें स्कूटर की खराब बिल्ड क्वालिटी, सॉफ्टवेयर में खराबी, क्विक डिस्चार्ज आदि कई समस्याएं शामिल हैं।

कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लगी आग
इन दिनों सोशल मीडिया पर इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। पिछले महीने, ओकिनावा ऑटोटेक की एक नई स्कूटर में चार्जिंग के दौरान आग लग गई जिसमें एक पिता और बेटी की मौत हो गई। वहीं पुणे में एक ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने का वीडियो भी खूब वायरल हुआ और लोगों ने स्कूटर की क्वालिटी पर सवाल उठाए। वहीं एक दूसरी घटना में, जितेंद्र ईवी के लगभग 40 दोपहिया वाहनों में शिपिंग के दौरान आग लग गई। कंपनियों का कहना है कि वे घटनाओं की जांच कर रही हैं।

आग लगने की घटनाओं ने आयातित ऑटो उपकरणों पर भारत की निर्भरता के बारे में भी बहस छेड़ दी है। मौजूदा समय में भारत लिथियम आयन बैटरी और अन्य उपकरणों के लिए चीन और दूसरे देशों से आयात पर निर्भर है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये उपकरण देश की चरम जलवायु और गर्मियों के अधिक तापमान को सहने के लिए तैयार नहीं किए गए हैं, जिस वजन से इनमें आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं।


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