एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर में लगी आग, चालक ने सूझ-बूझ से बचाई अपनी जान
आये दिन इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्कूटरों में आग लगने के कारण अब तक कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। अब एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने का मामला सामने आया है। बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले व्यक्ति की स्कूटर उस समय आग के लपटों में घिर गई जब वह अपने ऑफिस जा रहा था। हालांकि, स्कूटर चालक की सूझ-बूझ के कारण उसे ज्यादा चोटें नहीं आई, लेकिन उसकी स्कूटर पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

सतीश नाम के इस युवक ने लगभग एक साल पहले ओकिनावा की आई-प्रेज प्लस (Okinawa i-Praise Plus) इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी। वह इस स्कूटर का इस्तेमाल ऑफिस जाने के लिए करता था। उसने जैसे ही देखा कि इलेक्ट्रिक स्कूटर से धुआं उठ रहा है, उसने तुरंत स्कूटर को रोक दिया और उतर गया। जिसके बाद स्कूटर की बैटरी कम्पार्टमेंट से आग की लपटें उठने लगी और पूरी स्कूटर धधकते हुए जलने लगी।

स्कूटर चालक ने पुलिस को इस घटना की खबर देते हुए नजदीकी पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर भी दर्ज करवाई है। इस घटना ने एक बार फिर अधिक तापमान में इलेक्ट्रिक स्कूटरों के काम करने की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है। ओकिनावा स्कूटर्स भारत में 2015 से इलेक्ट्रिक स्कूटरों का उत्पादन कर रही है। हालांकि, यह पहली बार है कि कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने के इतने मामले सामने आ रहे हैं।

पिछले कुछ हफ्तों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने के कई मामले सामने आए हैं। ओकिनावा और प्योर ईवी ने अपने हजारों इलेक्ट्रिक स्कूटरों को जांच के लिए रिकॉल भी किया है।

बता दें कि इन मामलों को लेकर अब सरकार ने भी सख्त रवैया अपना लिया है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन निर्माताओं को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे ऐसे मामलों की जांच एक एक्सपर्ट कमेटी से करवाएंगे और वाहन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने का निर्देश जारी करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि सरकार डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों को चिन्हित करेगी। जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए गुणवत्ता केंद्रित दिशानिर्देश जारी किये जाएंगे। यदि कोई कंपनी अपनी प्रक्रियाओं में लापरवाही बरतती है, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा और प्रभावित वाहनों के पूरे बैच को वापस बुलाने का भी आदेश दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए बेहद बुरी खबर है। इससे भारत में तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार की फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट एजेंसी (सीएफईईए) ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को वाहनों में आग लगने का कारण पता करने के लिए नोटिस भेजा है।


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