एम्पियर ने उत्पादन का बड़ा आंकड़ा किया पार, 70% कर्मचारी महिलाएं है शामिल
एम्पियर ने हाल ही में 50,000वीं इलेक्ट्रिक दोपहिया का उत्पादन किया है, कंपनी वर्तमान में अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया का उत्पादन तमिल नाडु स्थित प्लांट में करती है। एम्पियर भारतीय बाजार में सस्ती व प्रदूषण मुक्त वाहन बनाने का लक्ष्य लेकर आई थी और उस पर आगे बढ़ रही है। इसी पर चलते हुए कंपनी ने यह बड़ा मुकाम प्राप्त किया है।

एम्पियर को ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और उत्पादन के इस आंकड़ें को प्राप्त करने में - लोगों के बीच ईवी का बढ़ता क्रेज, फ्यूल की बढ़ती कीमतें, पर्यावरण को लेकर बढ़ती चिंता - शामिल है, इस वजह से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन सेगमेंट तेजी से वृद्धि कर रहा है। इसमें एम्पियर की अच्छी हिस्सेदारी है।

कंपनी का कहना है कि उत्पादन का यह आंकड़ा एम्पियर के उत्पादों में ग्राहकों के भरोसे को दिखाता है। हाल ही में मिले नए निवेश से कंपनी ईवी तकनीक को आधुनिक करने पर काम करेगी और इसके साथ ही भारत के 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी हिस्सेदारी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम करेगी।

जैसे कि हमनें बताया कंपनी अपने तमिल नाडु स्थित प्लांट में इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन करती है और इस प्लांट में 70 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं है। कंपनी ने इस अवसर पर उन्हें धन्यवाद कहा है। बतातें चले कि कंपनी अब तक देश में 1.5 लाख से अधिक ग्राहक बनाने का दावा करती है, कंपनी दोपहिया व तिपहिया का निर्माण करती है।

जल्द ही ईवी होंगी सस्ती
देश में जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें कम होने वाली हैं। केंद्र सरकार की थिंक टैंक, नीति आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयन बैटरियों पर जीएसटी दर को कम करने का प्रस्ताव पेश किया है। मौजूदा समय में लिथियम आयन बैटरी पर 18 प्रतिशत का उत्पाद और सेवा कर (जीएसटी) लागू होता है। सरकार के इस फैसले से बैटरियों पर जीएसटी दर कम होकर केवल 5 प्रतिशत रह जाएगी। बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी जीएसटी दर 5 प्रतिशत है।

सरकार अपनी ग्रीन मोबिलिटी योजनाओं में तेजी लाने के लिए विभिन्न तरीकों पर विचार कर रही है। टैक्स में किसी भी तरह का बदलाव जीएसटी काउंसिल को करना होगा लेकिन नीति आयोग इसकी सिफारिश कर सकती है। आखिरी बार 2018 में लिथियम-आयन बैटरी पर जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। अब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम पर अधिक जोर देने और इलेक्ट्रिक वाहनों को सस्ता बनाने के लिए बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन पर समान कर दरों को लागू करने की मांग उठ रही है।

क्या है भविष्य
भारत में इस वित्तीय वर्ष 8 से 9 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री हो सकती है, हाल ही में सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) ने यह बात कही है। वित्तीय वर्ष 2022 में 3।40 लाख यूनिट इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री हुई थी लेकिन मौजूदा सभी समस्याओं के बावजूद इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री में 3 से 4 गुना बढ़त होने वाली है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारतीय बाजार में पिछले दो साल में ईवी, खासकर दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को शानदार प्रतिक्रिया मिली है और ऐसे समय में यह आंकड़ा एम्पियर के लिए शानदार है। कंपनी को अब शानदार उत्पाद लाने के साथ-साथ उत्पादन में भी तेजी लानी होगी।


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