बाइक से रियर व्यू मिरर हटाया तो खत्म हो जाएगी वारंटी, जान लें ये नया नियम
देश में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। हालांकि, वाहन चालकों की लापरवाही भी सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती तादाद की एक अहम वजह है। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में दोपहिया वाहनों कि तादाद सबसे ज्यादा है और सड़क हादसे का शिकार सबसे अधिक दोपहिया वाहन चालक ही होते हैं।

अक्सर देखा जाता है कि दोपहिया वाहन चालक अपनी बाइक या स्कूटर को खूबसूरत बनाने के लिए उससे रियर व्यू मिरर (Rear View Mirror) हटा लेते हैं। इससे कुछ पल के लिए बाइक स्टाइलिश दिखती तो है लेकिन ऐसा करना सड़क पर अपनी सुरक्षा के साथ समझौता करने जैसा होता है। कई लोगों का यह मानना होता है कि रियर व्यू मिरर हटा लेने से वह ट्रैफिक में कट करते हुए बाइक चला सकते हैं।
हालांकि, अब बाइक से रियर व्यू मिरर हटाने से आप परेशानी में पड़ सकते हैं। हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट में अधिवक्ता राजकुमार आदित्यन ने एक जन सूचना याचिका (PIL) दायर की जिसमें दोपहिया वाहनों में रियर व्यू मिरर के महत्व और उसके इस्तेमाल से सड़क दुर्घटनाओं में बड़े स्तर पर रोकने के उपायों के बारे में बताया गया था।
याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने रियर व्यू मिरर हटाने वाले वाहनों की वारंटी रद्द करने का आदेश दिया है, साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को राज्य में मोटर वाहन कानून का सख्ती से पालन करने का निर्देश भी जारी किया। कोर्ट ने कहा, क्योंकि रियर व्यू मिरर वाहन की सुरक्षा से जुड़ा एक अहम उपकरण है, इसे हटाने पर वारंटी को रद्द किया जा सकता है। कोर्ट ने राज्य के सभी डीलरशिप को इस नये नियम का अनियार्य रूप से पालन करने का आदेश जारी किया है।
रियर व्यू मिरर से हम अपने पीछे से आ रहे वाहन का पता लगा सकते हैं। अगर यें न हों तो हमें पीछे से आ रहे वाहनों का पता नहीं चलता और हम बिना सोचे समझे अपनी गाड़ी मोड़ लेते हैं जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। अक्सर दोपहिया वाहन चालक डीलरशिप से बाइक खरीदते समय उससे रियर व्यू मिरर हटवा लेते हैं जो सड़क पर बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।


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