राजीव बजाज ने कहा- 'स्टार्टअप कंपनीयों को खा जाएगी Bajaj', Ola और Ather ने दिया करारा जवाब
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। बजाज ऑटो के प्रमुख राजीव बजाज ने हाल ही में एक बयान देकर बवाल मचा दिया है। इसपर ओला के सीईओ भवीश अग्रवाल ने भी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला।

दरअसल, राजीव बजाज ने ये बात Bajaj Auto की नई बाइक Pulsar 250 के लॉन्च इवेंट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने कहा, "मैं शर्त लगाने के लिए तैयार हूं कि हम BET (Bajaj, Royal 'Enfield', TVS) चैंपियन हैं और हमारा अच्छा रिकॉर्ड है। और चैंपियन नाश्ते में OATS ( Ola Electric, Ather, Tork, SmartE) को खाते हैं।

राजीव बजाज की इस बात को लेकर एक बार फिर वे विवादों में आ गए हैं। उनके इस बयान पर ओला इलेक्ट्रिक के भविश अग्रवाल और एथर एनर्जी के तरुण मेहता ने अपने अंदाज में जवाब दिया है।

भाविश ने दी प्रतिक्रिया
दरअसल, भाविश ने इस राजीव बजाज के इस बयान का सीधे जवाब नहीं दिया है बल्कि उन्होंने एक ट्विटर यूजर के ट्वीट को फायर इमोजी के साथ रीट्वीट किया है। @haryanavi नाम के एक ट्विटर यूजर ने राजीव बजाज के इस बयान का मजाक उड़ाते हुए लिखा है कि ओला ने तो फैक्ट्री से एक भी स्कूटर को बिना बाहर निकाले 90 हजार स्कूटर बेच लिए हैं। एथर ने 1,300 स्कूटर केवल जुलाई में बेचे हैं। जबकि बजाज चेतक की जनवरी 2020 से जुलाई 2021 तक केवल 3,300 यूनिट ही बिके हैं। बजाज तो इस समय प्रतिस्पर्धा से ही बाहर है।

तरुण मेहता ने भी दिया जवाब
राजीव बजाज के बयान पर Ather स्कूटर्स के सीईओ तरुण मेहता ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक स्माइल इमोजी के साथ चुटकी लेते हुए ट्वीट किया कि "मानना पड़ेगा, राजीव बजाज की OATS और BET वाले बयान ने आज मेरा दिन बना दिया। इस इंडस्ट्री में कभी भी कोई पल नीरस नहीं होता।"

वहीं Ather Energy के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। Ather ने ओट्स के एक पैकेट की तस्वीर के साथ ट्वीट किया, "हम अपने नए उत्पादों को जिंदगी को गतिशील और बेहतर बनाने के लिए लॉन्च कर रहे हैं - OATS के चैंपियंस के लिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाया गया।"

ओला स्कूटर की डिलीवरी पर उठाया सवाल
अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणी के अलावा, राजीव बजाज ने ओला इलेक्ट्रिक पर आज तक एक भी स्कूटर डिलीवर नहीं करने के लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को डिलीवरी के लिए इंतजार कराना स्टार्टअप्स का तरीका है। इसकी तुलना में, बजाज जैसे स्थापित खिलाड़ी कैश फ्लो मॉडल अपनाते हैं। राजीव बजाज ने कहा कि कंपनी 75 साल पुरानी है और अपनी यात्रा में कई चुनौतियों का सामना किया है।

बढ़ रही है इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड
भारत में अभी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कम है लेकिन वाहन कंपनियां इन्हें भविष्य में पारंपरिक वाहनों के विकल्प के रूप में देख रही हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ रही है। वहीं, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली आकर्षक सब्सिडी ने भी लोगों तक इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच को आसान बना दिया है। हालांकि, बैटरी चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के मामले में बहुत कुछ किया जाना है।


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