राहुल बजाज ने बजाज ऑटो के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, 30 साल की उम्र में बने थे सीईओ
बजाज ऑटो लिमिटेड ने 29 अप्रैल यानी आज ऐलान किया है कि कंपनी के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (Non-Executive Chairman) राहुल बजाज ने कंपनी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। राहुल बजाज सन 1972 से कंपनी का संचालन कर रहे हैं और पिछले करीब 5 दशकों से बजाज ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अब अपनी बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है।

राहुल बजाज 30 अप्रैल 2021 को कामकाजी दिन की समाप्ति पर कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक और चेयरमैन पद से सेवामुक्त हो जायेंगे। कंपनी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राहुल बजाज ने पिछले 5 दशकों में कंपनी और ग्रुप की सफलता के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। राहुल बजाज के इस्तीफे के बाद कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का पद संभाल रहे नीरज बजाज बजाज ऑटो के नए चेयरमैन होंगे।

30 साल की उम्र में संभाली थी कंपनी की कमान
राहुल बजाज ने साल 1968 में 30 साल की उम्र में 'बजाज ऑटो लिमिटेड' कंपनी के सीईओ का पद संभाला था. उस समय वे किसी कंपनी के सीईओ बनने वाले सबसे युवा भारतीय थे।

राहुल बजाज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाजसेवी जमनालाल बजाज के पोते हैं. राहुल ने अपनी पढ़ाई दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से की है. उन्होंने मुंबई की लॉ यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री भी हासिल की है।

राहुल बजाज ने ऐसे समय में बजाज ऑटो को बुलंदियों तक पहुंचाया, जब कंपनियों को सरकार की तरफ से उत्पादन को लेकर फ्री होल्ड नहीं मिलता था। उस दौरान बजाज का चेतन स्कूटर इतना लोकप्रिय हुआ कि लोगों ने दो से तीन सालों तक उसकी डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता था।

मार्च तिमाही में मुनाफा बढ़ा
इस बीच बजाज ऑटो ने अपने तिमाही नतीजे पेश कर दिए है। मार्च तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 1.7 फीसदी बढ़कर 1,332.1 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 1,310.3 करोड़ रुपए था।

फिस्कल ईयर 2021 की चौथी तिमाही में कंपनी की आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्च तिमाही में कंपनी की आय 26.1 फीसदी बढ़कर 8,596.1 करोड़ रुपये रही है जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी की आमदनी 6,815.9 करोड़ रुपए रही थी।


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