Harley Davidson Discount: हार्ले-डेविडसन की बाइक पर मिल रहा है भारी डिस्काउंट, जानें
हीरो मोटोकॉर्प ने हार्ले-डेविडसन बाइक रेंज पर डिस्काउंट देने की घोषणा की है। हार्ले-डेविडसन ने फैट बॉय 107, फैट बॉय 114, लो राइडर और लो राइडर एस को ऑफर के तहत पेश किया है। हार्ले-डेविडसन फैट बॉय पर 1.85 लाख रुपये से 2.20 लाख रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है। वहीं फैट बॉय 114 पर 2.25 लाख रुपये से 2.50 लाख रुपये का डिस्काउंट का लाभ उठाया जा सकता है।

हार्ले-डेविडसन लो राइडर पर 1.25 लाख रुपये जबकि लो राइडर एस पर 1.50 लाख रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है। बता दें कि लो राइडर और लो राइडर एस की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत क्रमशः 14.25 लाख रुपये और 15.25 लाख रुपये है। बता दें कि कंपनी इन बाइक के 200 मॉडलों पर यह ऑफर दे रही है और स्टॉक के रहने तक ही यह ऑफर लागू रहेंगे।

हार्ले-डेविडसन फैट बॉय 107 में 1745 सीसी का वी-ट्विन लिक्विड कूल्ड इंजन दिया गया है जो 145 न्यूटन मीटर का टॉर्क जनरेट करता है। फैट बॉय 114 में 1868 सीसी का पॉवरफुल लिक्विड कूल्ड इंजन लगाया गया है। यह इंजन 155 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क जनरेट करता है।

हार्ले-डेविडसन लो राइडर रेंज की बात करें तो, लो राइडर स्टैंडर्ड में 1745 सीसी का इंजन लगाया गया है। वहीं लो राइडर एस में 1868 सीसी का इंजन लगाया गया है। सभी बाइक में 6 स्पीड गियरबॉक्स मिलता है।

हीरो मोटोकॉर्प भारत में हार्ले-डेविडसन का कारोबार संभाल रही है। हीरो ने भारत में हार्ले की बाइक्स के बिक्री के लिए एक नई सेल्स, मार्केटिंग और सर्विस यूनिट की स्थापना की है। हार्ले-डेविडसन बाइक यूनिट का अध्यक्ष रवि अवलुर को बनाया गया है जो हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन और सीईओ पवन मुंजाल के संपर्क में रहेंगे। बता दें कि हार्ले-डेविडसन ने आधिकारिक रूप से 11 शहरों में बिक्री शुरू कर दी है।

बता दें कि हार्ले-डेविडसन ने पिछले साल भारत छोड़ने की घोषणा की थी। जिसके बाद हीरो मोटोकॉर्प ने कंपनी में दिलचस्पी दिखाते हुए हार्ले मर्चेंडाइज को खरीदने की घोषणा कर दी। अब हीरो मोटोकॉर्प जनवरी 2021 से हार्ले बाइक्स की सेल्स, मार्केटिंग और सर्विस की जिम्मेदारी उठा रही है।

हार्ले डीलरशिप पर ब्रांड एक्सेसरीज, अपैरल और राइडिंग गियर भी उपलब्ध किये जा रहे हैं। हार्ले-डेविडसन और हीरो मोटोकॉर्प के बीच समझौता कई कारणों से महत्वपूर्ण है, क्योंकि हार्ले बाइक ग्राहकों के पास अब भारत में ही खरीद और सर्विसिंग का विकल्प जारी रहेगा।

हार्ले-डेविडसन ने भारतीय बाजार में 2009 में प्रवेश किया था। कंपनी ने शुरुआत अच्छी की थी लेकिन, बाइक की कीमत अधिक होने से कंपनी देश में ग्राहकों को आकर्षित नहीं कर पाई। साल 2012 में रॉयल एनफील्ड की किफायती क्रूजर बाइक के नए अंदाज में आने के बाद हार्ले की बिक्री काफी गिर गई।

हार्ले-डेविडसन भारत में बाइक का निर्माण नहीं करती थी। कंपनी सभी मॉडलों का निर्यात अमेरिका से करती थी, जिसके कारण बाइक पर इम्पोर्ट टैक्स लगने के वजह से इसकी कीमत 30-40 प्रतिशत तक अधिक महंगी होती थी।

कोरोना महामारी के कारण हार्ले-डेविडसन दुनिया भर में सप्लाई चेन में रुकावटें झेल रही है। भारत हार्ले-डेविडसन की वैश्विक बिक्री में 5 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। अमेरिका में भी बाइक की बिक्री प्रभावित हो रही है। मंदी के कारण कंपनी ने अपने निर्माण का 30 प्रतिशत तक कम कर दिया है।


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