Goa Govt. Encouraging Electric Mobility: इलेक्ट्रिक दोपहिया पर गोवा सरकार दे रही है सब्सिडी
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को लेकर अलग-अलग राज्य सरकारें आम जनता को कई तरह की सब्सिडी प्रदान करने की कोशिश कर रही हैं। इसी क्रम में गोवा सरकार ने भी अपने राज्य में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है।

गोवा राज्य के विद्युत, पर्यावरण, नई और नवीकरणीय ऊर्जा और कानून एवं न्यायपालिका मंत्री, नीलेश कैबरल ने गोवा के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी योजना की घोषणा की है। क्लीन मोबिलिटी योजना राज्य में बेचे जाने वाले पहले 10,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए लागू की जाएगी।

इस योजना के तहत हर साल 5,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम किया जा सकता है और गोवा की सड़कों से 10 प्रतिशत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने का दावा किया जा रहा है। यह योजना भारत सरकार की कंपनी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) द्वारा कार्यान्वित की जाएगी।

सीईएसएल इन दोपहिया वाहनों के लिए सौर ऊर्जा चार्जिंग प्वाइंट्स बनाने पर भी काम कर रही है। राज्य सरकार पूरे गोवा राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रही है। गोवा सरकार इस योजना के तहत कई सुविधाएं ऑफर कर रही है।

इन सुविधाओं में एक कैश इंसेंटिव शामिल है, जो एक बायबैक प्रोग्राम की तरह काम करता है, इसी तरह सेल फोन कंपनियां उपयोगकर्ताओं को अपने पुराने फोन को इस्तेमाल से हटाने और उन्हें नया फोन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

इसके अलावा इस योजना के तहत दोपहिया वाहनों पर पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप ईवी लागत में 5 प्रतिशत की कमी आ जाएगी। वहीं एक सब्सिडी भी दी जाएगी जिससे खरीदार बहुत सस्ते लीज प्रोग्राम को अपना सकते हैं।

इसके अलावा इस योजना के तहत लोगों को पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। गोवा सरकार में ऊर्जा, पर्यावरण, नई और नवीकरणीय ऊर्जा और कानून और न्यायपालिका मंत्री, निलेश कैबरल ने इस योजना के बारे में जानकारी दी है।

उन्होंने कहा कि "गोवा में लोगों द्वारा बाइक्स का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। हमारे पास गोवा में एक लाख दोपहिया वाहन हैं और इन दोपहिया वाहनों को राज्य की लगभग 70 प्रतिशत वाहन आबादी इस्तेमाल कर रही हैं।"

आगे उन्होंने कहा कि "इन्हें कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) द्वारा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स या ई-बाइक में परिवर्तित किया जाएगा। जैसा कि ये ई-बाइक विशुद्ध रूप से बिजली से चलते हैं, वे उत्सर्जन का कारण नहीं बनती हैं और इसलिए पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं।


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