eBikeGo लाॅन्च करेगी सबसे मजबूत इलेक्ट्रिक स्कूटर, 25 अगस्त होगी पेश
स्वदेशी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता eBikeGo जल्द ही नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने वाली है। कंपनी ने हाल ही में Rugged नाम के एक इलेक्ट्रिक स्कूटर का खुलासा किया है जिसे कंपनी आगामी 25 अगस्त को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी Rugged एक मजबूत इलेक्ट्रिक स्कूटर होगी जो नए फीचर्स और आधुनिक उपकरणों के साथ पेश की जाएगी। कंपनी लॉन्च के दौरान इस स्कूटर की सभी जानकारियों का खुलासा करेगी।

कंपनी बनाएगी मजबूत ई-बाइक
मुंबई स्थित eBikeGo ने 2017 में अपनी डिलीवरी सर्विस की शुरुआत की थी। कंपनी ने शुरुआत में भारतीय निर्माताओं से इलेक्ट्रिक स्कूटर का अधिग्रहण शुरू किया। हालांकि, कंपनी ने पाया की अधिकतर इलेक्ट्रिक स्कूटर कम मजबूती के कारण डिलीवरी सेवाओं के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इसको देखते हुए कंपनी अब खासतौर पर डिलीवरी फ्लीट के लिए मजबूत इलेक्ट्रिक स्कूटरों का उत्पादन शुरू करने वाली है।

कंपनी का कहना है कि हम ऐसी इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाना चाहते हैं जो भारतीय सड़कों के अनुसार तैयार की गई हों। हमनें इन इलेक्ट्रिक स्कूटरों के डिजाइन और उत्पादन के लिए Boom Motors के साथ साझेदारी की है। हम जल्द ही भारतीय ग्राहकों के लिए एक मजबूत इलेक्ट्रिक स्कूटर को पेश करेंगे जो इलेक्ट्रिक बाइक सेगमेंट में इनोवेशन की सीमाओं को आगे बढ़ाएगा।

हाई स्पीड वाली इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) द्वारा मान्य प्राप्त है। कंपनी ने बताया कि इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को डिलीवरी पार्टनर और बिजनेस पार्टनर्स से मिले सुझाव के अनुसार तैयार किया गया है।

eBikeGo के अनुसार, Rugged ई-बाइक को पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है और यह पूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के अनुरूप है। कंपनी ने कहा कि इन-हाउस डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग की मदद से Rugged इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग सब्सिडी (FAME II) के लिए पात्र होगा और इसकी कीमत आकर्षक होगी।

eBikeGo ने शुरू किया बैटरी रीसाइक्लिंग
इलेक्ट्रिक वाहनों पर काम करने के अलावा स्वदेशी स्टार्टअप eBikeGo बैटरी रीसाइकलिंग तकनीक पर भी काम कर रही है। डिलीवरी स्टार्टअप कंपनी eBikeGo ने ई-वेस्ट को कम करने के लिए बैटरी रीसायक्लिंग शुरू की है। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों की पुरानी लिथियम आयन बैटरी को रीसायकल कर रही है और जल्द ही लीड एसिड बैटरी की भी रीसाइक्लिंग शुरू करेगी।

कंपनी के अनुसार, लिथियम आयन बैटरी के 99% से अधिक लिथियम को रीसाइक्लिंग के लिए निकाला जा सकता है। इस लिथियम का उपयोग नई बैटरी बनाने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, रीसाइक्लिंग से बनाई गई बैटरियों का उपयोग सौर संयंत्रों में भी किया जा सकता है।

रीसाइक्लिंग से इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी के मूल्य में कमी लाई जा सकती है। बैटरी में किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन की कुल कीमत का लगभग 50 प्रतिशत खर्च शामिल होता है। चूंकि भारत में लिथियम आयन बैटरियों का कम उत्पादन होता है, इसलिए इन्हें दूसरे देशों से आयात करना पड़ता है और इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत बढ़ जाती है।


Click it and Unblock the Notifications