कोरोना से मंडराया नौकरियों पर खतरा, बाउंस, वोगो, ड्राइवजी कर रही हैं कर्मचारियों की छटनी
देशभर में जारी लॉकडाउन से स्टार्टअप कंपनियों और नए फर्मों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मेट्रो शहरों में चल रहे बाउंस, वोगो, ड्राइवजी जैसे ट्रांसपोर्ट स्टार्टअप कंपनियों का ऑपरेशन पूरी तरह से बंद है जिससे इनकी कमाई बंद हो गई है।

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों के पास अपने स्टाफ को देने के लिए सैलरी नहीं है। इन कंपनियों ने आपने घाटे को कम करने के लिए जल्द ही कर्मचारियों की छटनी और सैलरी में कटौती शुरु कर दी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ कर्मचारियों को टर्मिनेशन लेटर भी दे दिए गए हैं। वहीं ऑनलाइन इंश्योरेंस कंपनी 'एको' ने भी अपने 50 कर्मचारियों की छटनी कर दी है। ये कर्मचारी ग्राहक सेवा, बिजनेस ऑपरेशन, सेल्स एंड मार्केटिंग सेगमेंट में कार्यरत थे।

एको के सीईओ वरुण दुआ ने बताया कि कंपनी 50 कर्मचारियों की छटनी कर रही है। कंपनी के आला अधिकारीयों ने स्वैछिक रूप से अपनी सैलरी में 50-70 प्रतिशत की कटौती की है।

उन्होंने कहा "अगर लॉकडाउन ज्यादा समय तक चलता है तो हमें कई कठोर फैसले लेने होंगे। हमें कंपनी के टीम और इन्वेस्टमेंट में कटौती करना पड़ सकता है।

वहीं, क्लाउड कम्युनिकेशन फर्म एक्सोटेल ने दो महीनों के लिए अपने कर्मचारियों को 40,000 रुपये की फिक्स सैलरी देगी। मेक माय ट्रिप, क्लियरट्रिप, इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों को भी खासा नुकसान हुआ है। यह कंपनियां भी कर्मचारियों की छटनी और सैलरी में कटौती कर भरपाई कर रहीं हैं।

इनमें से कई स्टार्टअप्स ने कहा कि 21 दिन का लॉकडाउन खत्म होने के बाद वे अपनी योजनाओं पर पर फिर से विचार करेंगे और स्थिति का आकलन करेंगे। कोरोना वायरस के संकट के बीच कई सारे बिजनेस डील को नहीं रद्द कर दिया गया है।

कोरोना वायरस के कारण कारोबार बंद होने से सबसे ज्यादा मार होटल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। इसका सबसे ज्यादा खतरा असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों पर मंडरा रहा है।


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