केरल परिवहन विभाग ने बनाया कानून, बाइक के फ्यूल टैंक पर बच्चों को बैठाया तो कटेगा चालान
केरल मोटर वाहन विभाग ने बाइक और स्कूटर पर बच्चों को बैठाने को लेकर नया कानून बनाया है। नए मोटर वाहन कानून के तहत बाइक के फ्यूल टैंक और स्कूटर के फ्लोरबोर्ड पर बच्चों को बैठाना गैर कानूनी घोषित कर दिया गया है।

केरल बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश के बाद मोटर वाहन विभाग ने बिना देरी किए प्रतिबंध को लागू कर दिया है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग का मानना है कि बाइक और स्कूटर पर छोटे बच्चों को सही ढंग से नहीं बैठाने पर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।

बाइक के टैंक पर बैठे बच्चे अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। आपातकाल में बाइक व स्कूटर पर अचानक से ब्रेक लगाने पर टैंक पर बैठे छोटे बच्चे टैंक से फिसल कर गिर जाते हैं।

ऐसी स्थिति में बाइक चला रहे व्यक्ति पर बच्चे की जान जोखिम में डालने के लिए कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। मोटर वाहन विभाग ने बताया कि बाइक और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहन सिर्फ दो लोगों ही यात्रा कर सकते हैं।

इसके अलावा बाइक चला रहा व्यक्ति और उसके साथ बैठा व्यक्ति सिर्फ वाहन की सीट पर ही बैठ सकते हैं। पिलियन राइडर कानून की बात करें तो कर्नाटक सरकार ने भी इसके खिलालफ सख्त कानून बनाए हैं।

कर्नाटक में 12 साल से कम उम्र के बच्चों को बाइक या स्कूटर पर पिलियन राइडर के रूप नहीं बैठाया जा सकता है। साथ ही पिलियन राइडर के लिए हेलमेट पहनना भी अनिवार्य किया गया है।


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