Abandoned Vehicles Auction: हैदराबाद पुलिस थानों में पड़े जब्त वाहनों की करेगी नीलामी
हैदराबाद पुलिस शहर के विभिन्न थानों में पड़े 2,000 से अधिक वाहनों को बेचने के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू कर रही है। हैदराबाद पुलिस कमिश्नर ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर संबंधित वाहनों मालिकों को वाहन पर दावा साबित करने का अनुरोध किया है। नोटिस में 175 दोपहिया वाहनों के मॉडल के साथ इंजन और चैसी नंबर भी जारी किया गया है। वाहन पर दावेदार नहीं होने पर पुलिस इन वाहनों की नीलामी करेगी।

पुलिस ने वाहन मालिकों को दावेदारी साबित करने के लिए 6 महीनों का समय दिया है। हैदराबाद सिटी पुलिस एक्ट पुलिस कमिश्नर को पुलिस स्टेशनों में पड़े जब्त किये गए वाहनों की दावेदारी साबित नहीं होने पर नीलामी करने का अधिकार देती है।

दरअसल, पुलिस स्टेशन में जब्त किये गए वाहनों के कारण जगह की समस्या होने लगती है। छोटे पुलिस स्टेशनों में वाहनों को जब्त कर कर रखना काफी मुश्किल हो जाता है। मुकदमा समाप्त होने और फैसला आने के बाद भी कई वाहन मालिक थाने से वाहनों को नहीं छुड़ाते हैं ऐसे में वहां वाहन का अंबार लगने लगता है।

पुलिस थानों में सबसे अधिक जब्त किये गए दोपहिया और तिनपहिया वाहन पाए जाते हैं। पुलिस इन्हे बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किये बगैर नहीं बेच सकती। इस समस्या से निबटने के लिए जब्त वाहनों को नीलम करने की व्यवस्था बनाई गई है।

हालांकि, वाहनों को नीलम करने की प्रक्रिया लंबी होती है इसलिए कई थानों में बोली ही नहीं लगाई जाती और वहां रखे वाहन पड़े-पड़े खराब होने लगते हैं। हैदराबाद पुलिस के जैसे ही महाराष्ट्र पुलिस ने भी 2,000 से अधिक जब्त वाहनों को नीलम करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए महाराष्ट्र पुलिस कई समाज सेवी संस्थाओं का सहारा भी ले रही है।

ट्रैफिक नियमों को सुचारु रूप से लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस मंगलवार से बगैर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले वाहनों पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने एक पूर्व सूचना में बताया था कि राज्य में सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य है।

पुलिस ने सूचित किया है कि बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के वाहनों पर 5,500 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2018 में सभी राज्यों में नए नंबर प्लेट को वाहनों में सख्ती से लागू करवाने का आदेश दिया था।

इसके बावजूद दिल्ली में काफी कम संख्या में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाया गया है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग के अनुसार 40 लाख से अधिक दोपहिया और चारपहिया वाहन बगैर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के चल रहे हैं।

बता दें, 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों में नया नंबर प्लेट और होलोग्राम स्टीकर लगाना अनिवार्य है। जबकि 1 अप्रैल 2019 और उसके बाद रजिस्टर किए गए वाहनों में डीलरों द्वारा नया नंबर प्लेट और होलोग्राम स्टीकर लगया जा रहा है।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट दिखने में एक साधारण नंबर प्लेट से के जैसा ही होता है लेकिन इसकी तकनीकी विशेषताएं इसे अलग बनाती हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में क्रोमियम होलोग्राम स्टीकर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमे वाहन से संबंधित जानकारी जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि अंकित होती है।

होलोग्राम स्टीकर में यह जानकारी मशीन से अंकित की जाती है और इसे सिर्फ विशेष रूप से तैयार किये गए मशीन से ही पढ़ा जा सकता है। इस होलोग्राम स्टीकर को हॉट-स्टांपिंग के जरिये लगाया जाता है।


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