Harley-Davidson Video Ad: हार्ले-डेविडसन ने जारी किया वीडियो ऐड, दिलाया ग्राहकों को भरोसा
भारत में अपने प्लांट बंद करने के बाद हार्ले-डेविडसन हीरो मोटोकॉर्प की सहायता से अपनी बाइक की बिक्री करेगी। हार्ले-डेविडसन ने अक्टूबर में हीरो मोटोकॉर्प से सेल्स अथवा सर्विसिंग के लिए साझेदारी की है जिसके तहत जनवरी 2021 से हीरो हार्ले की बाइक की सेल्स, सर्विसिंग अथवा एक्सेसरीज प्रदान करेगी।

कंपनी के मौजूदा ग्राहकों के बीच बाइक की सर्विसिंग और एक्सेसरीज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसको देखते हुए कंपनी ने भारतीय ग्राहकों का भरोसा जितने के लिए एक वीडियो ऐड भी जारी किया है।

कंपनी ने बताया है कि जनवरी 2021 से कंपनी की सेवाएं सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएगी और ग्राहकों के सभी समस्याओं का निवारण किया जाएगा। हीरो मोटोकॉर्प, हार्ले-डेविडसन के एक्सक्लूसिव डीलरों के नेटवर्क के साथ भारत में हीरो के मौजूदा डीलरशिप नेटवर्क के माध्यम से पार्ट्स, एक्सेसरीज और राइडिंग गियर और परिधान भी बेचेगी।

बता दें कि कई वर्षों से भारत में हार्ले-डेविडसन का कारोबार घाटे में चल रहा था। भारत में पॉवरफुल और क्रूजर बाइक सेगमेंट में कई कंपनियां जगह बना चुकी हैं जो हार्ले-डेविडसन से कम कीमत पर प्रीमियम बाइक की बिक्री कर रही हैं। हार्ले भारत में बाइक की कीमत कम करने में असफल साबित हुई साथ ही कंपनी की मार्केटिंग और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो भी काफी कमजोर स्थिति में थी।

हार्ले-डेविडसन के अचानक भारत में कारोबार खत्म करने की घोषणा से कई बाइक डीलर और ग्राहक नाराज हो गए। हार्ले के ग्राहकों की शिकायत है कि वे बाइक की सर्विसिंग और पार्ट्स के लिए अब कहां जाएंगे।

वहीं बाइक विक्रेताओं का कहना है कि कंपनी ने भारतीय डीलरों को कारोबार खत्म करने की आधिकारिक सूचना नहीं दी थी और अक्टूबर में कंपनी को बंद करने की घोषणा कर दी। डीलरों का कहना है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है जिससे उनका करोड़ों का नुकसान होना तय है।

पिछले महीने देश के 14 शहरों में हार्ले-डेविडसन के ग्राहकों ने कंपनी के इस फैसले के विरोध में बाइक रैली निकाली थी। ग्राहकों का कहना था कि कंपनी ने बगैर अपने डीलरों और ग्राहकों को सूचित किये इतना बड़ा फैसला ले लिया, कंपनी को सर्विसिंग और वारंटी के लिए व्यवस्था करनी चाहिए थी।

बता दें कि हार्ले-डेविडसन ने 2009 में भारत में कदम रखा था। हालांकि, 11 वर्षों के सफर के दौरान भारत में कंपनी का कारोबार कभी भी मुनाफे में नहीं रहा। इसका सबसे बड़ा कारण भारत में बाइक की कम मार्केटिंग और ऊंची कीमत थी।

कंपनी अपने अधिकतर बाइक भारत में निर्यात करती है जिसपर टैक्स और कस्टम ड्यूटी के लगने से बाइक की कीमत में 25-30 प्रतिशत का इजाफा हो जाता है। वहीं, 2012 में रॉयल एनफील्ड ने भारत में अपनी बाइक दोबारा लॉन्च कर दी।

रॉयल एनफील्ड भारतीय ग्राहकों को क्रूजर बाइक का सस्ता विकल्प प्रदान करती है। कंपनी ने 350 सीसी से 650 सीसी तक के बाइक भारत में उतारे जो ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किये जा रहे हैं। रॉयल एनफील्ड के आने से कंपनी पिछड़ती चली गई और कारोबार लगातार घाटे में रहने लगा।

कंपनी ने भारत में अक्टूबर 2020 में अपने कारोबार को बंद करने की आधिकारिक घोषणा की थी, जिसके बाद बाइक डीलरों ने विरोध जताया था। उनका कहना था कि कंपनी ने बगैर किसी पूर्व सूचना के यह फैसला लिया है जिससे उन्हें करोड़ों का नुकसान होने वाला है।


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