Harley Davidson May Exit India: हार्ले-डेविडसन भारत से समेट सकती है कारोबार, जानें क्यों
अमेरिकी मोटरसाइकिल ब्रांड हार्ले-डेविडसन जल्द ही भारत से अपना कारोबार समेट सकती है। कंपनी के अधिकारियों ने एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भारत में कंपनी के लिए कारोबार करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। कंपनी कारोबार के लिए नई रणनीति तैयार कर रही है, जिसमे उत्तरी अमेरिका, यूरोप और कुछ एशियाई देशों समेत 50 में की कारोबार को आगे बढ़ाएगी।

कंपनी के सीईओ जोशन जेट्ज ने कहा है कि हार्ले केवल उन्ही देशों में कारोबार को जारी रखेगी जहां कंपनी को मुनाफा हो रहा है या मुनाफा बढ़ने के आसार हैं। उपरोक्त देशों में कंपनी के बाइक की बिक्री सबसे अधिक है, इलसिए कंपनी इन देशों में कारोबार को ज्यादा महत्व देगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हार्ले-डेविडसन उन देशों में नई बाइकों को लॉन्च नहीं करेगी जहां उसे घाटा हो रहा है। सामने आया है कि कंपनी ने अपनी नई बाइक ब्रोंक्स को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है।

भारत में अन्य क्लासिक और रेट्रो बाइक ब्रांड से मुकाबले में हार्ले-डेविडसन अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पाई है। भारतीय बाजार में शुरूआत करते समय कंपनी ने अच्छी संख्या में बाइकों की बिक्री की थी। हालांकि, रॉयल एनफील्ड, ट्राइंफ, बेनेली जैसी किफायती क्लासिक बाइक बनाने वाली कंपनियों से मुकाबले में हार्ले साल-दर-साल पिछड़ती चली गई।

कंपनी ने भारत में हार्ले-डेविडसन स्ट्रीट 650 जैसे किफायती मॉडलों को भी बाजार में उतारा है, लेकिन यह बाइक रॉयल एनफील्ड के 650 cc मॉडल से कहीं अधिक महंगी है। कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स देने वाली अन्य कंपनियों ने भारत में हार्ले-डेविडसन की बिक्री को खासा प्रभावित किया है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो, पिछले वित्तीय वर्ष (2019-2020) में कंपनी ने भारत में केवल 2,500 बाइक बेचे हैं, जबकि इस साल अप्रैल से जून की अवधि के बीच कंपनी केवल 100 बाइक ही बेच पाई है।

भारतीय बाजार हार्ले-डेविडसन के लिए सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाले बाजार में है। स्ट्रीट 750 और स्ट्रीट रॉड जैसे सस्ते मॉडल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन भारत में इनकी बिक्री काफी कम हैं। बिक्री को बढ़ाने के लिए कंपनी ने हाल ही में 77,000 रुपये के डिस्काउंट की घोषणा की थी।


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