Harley-Davidson Exits India: हार्ले डेविडसन ने छोड़ा भारत, अपनी फैक्ट्री की बंद
अमेरिकी बाइक निर्माता कंपनी हार्ले डेविडसन ने भारत में अपना कारोबार समेट लिया है। हार्ले डेविडसन ने हरियाणा स्थित प्लांट व बिक्री बंद करने की घोषणा की है। कंपनी ने अपने रिवायर प्रोग्राम के तहत यह निर्णय लिया है। हालांकि कंपनी ने इसके संकेत पहले ही दे दिए थे।

हार्ले डेविडसन ने अगस्त में ही कहा था कि वे लाभ देने वाले बाजार जैसे यूएस पर ध्यान केन्द्रित करने वाली है तथा घाटे वाले बाजार छोड़ने वाली है। ऐसे में अनुमान लगाया गया था कि कम बिक्री व डिमांड की वजह से कंपनी भारत छोड़ सकती है जिसकी आज पुष्टि कंपनी ने कर दी है।

कम बिक्री के साथ साथ हार्ले डेविडसन के भारत छोड़ने के पीछे कोविड-19 की वजह से हुए नुकसान को भी माना जा रहा है, इस वजह से कंपनी भारतीय बाजार को छोड़ने के लिए बाध्य सी हो गयी थी। कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष 2,500 यूनिट से भी कम मॉडल बेचे हैं जिस वजह से यह सबसे खराब करने वाले बाजार में से एक बन गयी थी।

इससे हार्ले डेविडसन में काम करने वाले कुल 70 कर्मचारी प्रभावित होने वाले हैं, कंपनी की बावल, हरियाणा में एसेम्बली प्लांट है। हार्ले डेविडसन ने वित्तीय वर्ष 18 में 3,413 यूनिट की बिक्री थी जो कि वित्तीय वर्ष 19 में 2676 यूनिट हो गयी थी।

माना जा रहा है कि कंपनी पहले से ही अपनी बाजार भारत में समेट रही थी। कंपनी ने बताया कि उनकी सर्विस मौजूदा ग्राहकों के लिए अभी भी उपलब्ध रहेगी, हालांकि प्लांट आदि को बंद कर दिया जाएगा। कंपनी अब यूएस व यूरोपियन बाजार में ध्यान देगी।

भारत में अन्य क्लासिक और रेट्रो बाइक ब्रांड से मुकाबले में हार्ले-डेविडसन अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पाई है। भारतीय बाजार में शुरूआत करते समय कंपनी ने अच्छी संख्या में बाइकों की बिक्री की थी। हालांकि, रॉयल एनफील्ड, ट्रायम्फ, बेनेली जैसी किफायती क्लासिक बाइक बनाने वाली कंपनियों से मुकाबले में हार्ले साल-दर-साल पिछड़ती चली गई।

कंपनी ने भारत में हार्ले-डेविडसन स्ट्रीट 650 जैसे किफायती मॉडलों को भी बाजार में उतारा है, लेकिन यह बाइक रॉयल एनफील्ड के 650 cc मॉडल से कहीं अधिक महंगी है। कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स देने वाली अन्य कंपनियों ने भारत में हार्ले-डेविडसन की बिक्री को खासा प्रभावित किया है।

हार्ले-डेविडसन की दुनियाभर में बिक्री का 75 प्रतिशत यूएस व यूरोपसे आता है, जिसमें अकेले यूएस की 56 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। ऐसे में कंपनी इन बाजार पर अधिक ध्यान देगी और स्ट्रीमलाइन्ड प्रोडक्ट लाएगी।


Click it and Unblock the Notifications








