दो हेलमेट दिए जाएं वरना वाहनों का रजिस्ट्रेशन करेंगे बंद, बाम्बे हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
वाहन निर्माता कंपनी और डीलर शिप को बार-बार दो पहिया वाहनों के साथ दो हेलमेट देने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन इस मामले कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने इस मामले में कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए है।

बेंच ने कहा है कि यदि डीलरशिप या निर्माता कंपनी द्वारा दो-पहिया वाहनों के ग्राहकों को दो हेलमेट मुहैया नहीं कराए जाएंगे, तो वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए जाएंगे।

कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और परिवहन कमिश्नर को 6 हफ्तों का समय दिया है और कहा है कि सेंट्रल मोटर व्हीकल नियम (सीएमवीआर), 1989 का सख्ती से पालन किया जाए।

इस मामले में एक डिवीजन बेंच जिसमें जस्टिस रवि देशपांडे और अमित बोरकर शामिल हैं, उन्होंने सरकारी वकील सुमंत देओपुजारी को एक अनुपालन रिपोर्ट दायर करने के निर्देश दिए है।

समाजसेवी कार्यकर्ता सौरभ भारद्वाज और मनीष सिंह चौहान द्वारा सीएमवीआर के बड़े पैमाने पर उल्लंघन पर पीआईएल दायर की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा है कि क्या नियमों को सख्ती से पालन किया जा रहा है?

सीएमवीआर का हवाला देते हुए याचिकाकर्ताओं के वकील अवधेश केसरी ने कहा कि "दोपहिया वाहन निर्माता और डीलर खरीदारों के लिए दो सुरक्षा हेडगेयर (हेलमेट) प्रदान करने के लिए बाध्य है।"

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वाहन वितरित करते समय ग्राहकों को एक हेलमेट प्रदान किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं के बयान का समर्थन करते हुए, देओपुजारी ने कहा कि "सरकार ने 2016 में सभी दोपहिया वाहन निर्माताओं को पत्र लिखा था।"

उन्होंने बताया कि "इस पत्र में दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों को निर्देश दिए गए थे कि वे खरीदारों को दो हेलमेट प्रदान करके सीएमवीआर का अनुपालन करें, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया।"

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से यह अपील की है कि वह राज्य परिवहन मंत्रालय को निर्देश दे कि आरटीओ और दायर की गई रिपोर्ट्स के खिलाफ जांच कराई जाए। इसके साथ ही ऐसे डीलरों और निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई करें जो ग्राहकों को हेलमेट प्रदान करने में विफल रहे है।


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