बेंगलुरु में बच्चों के हेलमेट की मांग अचानक बढ़ी, जानें क्या है वजह
बेंगलुरु शहर में छोटे बच्चों के हेलमेट की मांग अचानक से बढ़ है। बेंगलुरु परिवहन विभाग ने एक नया नियम लागू किया है जिसके मुताबिक अब शहर में दोपहिया वाहनों पर 4 साल से बड़े बच्चों को हेलमेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बेंगलुरु पुलिस के अनुसार यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे दोपहिया वाहन में सुरक्षित सफर कर सकें।

पुलिस के अनुसार नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नियम का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीनों के लिए रद्द किया जा रहा है साथ ही जुर्माना भी लगाया जा रहा है। मोटर वाहन एक्ट 2019 (संशोधित) के अनुसार दोपहिया वाहन पर बिना हेलमेट के सफर करना दंडनीय अपराध है, और इसके लिए 1,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

नए नियम के लागू होते ही लालबाघ रोड और जेसी रोड पर हेलमेट की मांग में अचानक बढ़ गई, लोग लगातार हेलमेट खरीदने के लिए पहुँच रहे हैं। दिकंदरों का कहना है कि कोविड-19 के दौरान बिक्री मंडी पड़ी है लेकिन नए नियम के लागू होते ही लोग छोटे बच्चों के लिए हेलमेट खरीदने के लिए आ रहे हैं।

कई समाज सेवियों का मानना है कि लोग बाइक राइड के दौरान अपने बच्चों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते हैं। अधिकतर लोग राइड के दौरान अपने बच्चों को हेलमेट नहीं पहनाते हैं, जिससे दुर्घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने की संभावना बढ़ जाती है।

बाजार में बच्चों के लिए हेलमेट की वैराइटी उपलब्ध न होना भी इसका एक और कारण है। बाजार में बच्चों के हेलमेट की वैरायटी काफी कम है। अधिकतर हेलमेट काफी भारी होते हैं जिससे बच्चों के लिए असुविधाजनक और भारी होते हैं।

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी किये गए एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 में सड़क दुर्घटनाओं में 11,168 बच्चों की जान गई है, जिसमे 460 बच्चे कर्नाटक के हैं।

जानकारों के अनुसार यह कदम सड़क पर बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा जिससे दुर्घटनाओं में बच्चों के घायल होने की संख्या में कमी आएगी। हालांकि, बच्चो के लिए सही प्रकार के हेलमेट का उपलब्ध न होना भी एक समस्या है जिसका तुरंत निदान होना आवश्यक है।


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