मोदी सरकार के अनिवार्य इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन योजना पर हीरो, बजाज व टीवीएस ने जताई चिंता
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाये जा रहे है लेकिन इलेक्ट्रिक बाइक को लेकर कोई ठोस कदम नहीं लिए गये है। हाल ही में नीति आयोग ने सरकार के सामने 2025 के बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन चलाने का प्रस्ताव रखा था।

नीति आयोग ने पेट्रोल ईंधन वाली बाइक को पूर्णतः बंद कर इलेक्ट्रिक बाइक को देश में चलाये जाने की योजना लेकर आयी थी तथा इसके लिए देश की बड़ी दो पहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो व टीवीएस मोटर को 2 हफ्ते के भीतर एक योजना के साथ आने का आदेश दिया था।

योजना के अनुसार 2025 के बाद 150cc से अधिक क्षमता वाले ही बेचे जाने होंगे तथा सभी वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। हालांकि शुरुआत से इस योजना का विरोध हो रहा था और इसका कारण गिरती बिक्री को बताया जा रहा था तथा इससे हजारों नौकरियों के जाने का भी खतरा था।

नीति आयोग की 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बाइक की योजना पर हीरो, बजाज व टीवीएस ने चिंता जताई है तथा कहा कि इस तरह का अचानक बदलाव अनावश्यक है तथा इंडस्ट्री को खतरे में डाल सकता है।

कंपनियों ने कहा कि इस योजना के लिए सभी पक्षों की सहमति बनानी चाहिए ना कि इसे थोपा जाना चाहिए। इसके लिए पूरा एक सप्लाई चैन बिठाना पड़ेगा तथा वर्तमान सप्लाई चैन से उसमें ले जाना होगा। सभी कंपनियों ने नीति आयोग के इस कदम पर चिंता जाहिर की है।

भारत में पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक वाहन लाया जाना संभव नहीं लगता है क्योंकि ना ही कोई चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है ना ही कुशल मजदूर, जो इस दिशा में काम कर सके। अगर यह योजना लायी गई तो इन सब वजहों से भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

भारत में पिछले साल 2 करोड़ से अधिक स्कूटर व बाइक बेचे गए है और इस लिहाज से यह दोपहिया वाहनों के विश्व के सबसे बड़े बाजार में से एक है। साथ ही दो सबसे अधिक बिकने वाले दोपहिया वाहन 150cc इंजन क्षमता से कम वाले है, जो इस कदम को और भी कठिन बना देता है।

हीरो मोटोकॉर्प ने इस पर कहा कि "इलेक्ट्रिक वाहनों को थोपने की बजाएं, बाजार का रवैया, नीति व ग्राहकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक मिला जुला कदम उठाया जाएँ।" बजाज ऑटो ने इस कदम को अनावश्यक बताया है।

सरकार कारों को भी इलेक्ट्रिक करने की ओर कदम उठा रही है और उसके साथ ही उबर व ओला जैसी टैक्सी सर्विस कंपनियों को आने वाले सालों में 40 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक करने के निर्देश दिए है।

वैसे मोदी सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए फेम II स्कीम के तहत छूट दे रही है तथा रजिस्ट्रेशन चार्ज व रोड टैक्स भी माफ किये जाने की बात कही गयी है। विदेशी कंपनियों को इस क्षेत्र में लाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी को 12 से 5 प्रतिशत किया जा सकता है।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में बढ़त देखने को मिली है। पिछले साल के मुकाबले इस साल महिंद्रा के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2.5 गुना बढ़कर 10,000 यूनिट हुई है, लेकिन यह अब भी बहुत ही कम है।


Click it and Unblock the Notifications