सरकार के निर्देशों को किया नजरअंदाज, 1 हजार लोगों का कटा चालान
यातायात पुलिस देश भर में चाहे कितने भी अभियान चला ले लेकिन भारतीय वाहन चालकों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। आये दिन सरकार और प्रशासन दोपहिया चालकों को हेलमेट पहनने की हिदायत देता रहता है।
यातायात पुलिस देश भर में चाहे कितने भी अभियान चला ले लेकिन भारतीय वाहन चालकों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। आये दिन सरकार और प्रशासन दोपहिया चालकों को हेलमेट पहनने की हिदायत देता रहता है लेकिन बावजूद इसके लोग इस बात पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। ताजा मामला देहरादून से सामने आया है जहां पर एक ही दिन में तकरीबन 1 हजार से ज्यादा ऐसे चालान काटे गयें जिसमें बाइक पर पीछे बैठने वालों ने हेलमेट नहीं पहना था।

दरअसल, हमारे बीच एक अवधारणा बन गई है कि, पुलिस हेलमेट पहनने पर जोर देती है क्योंकि ये एक कानून के अन्तर्गत आता है और भारत में कानून तोड़ना एक पुराना शगल बन चुका है। लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि, पुलिस आपको ऐसा करने के लिए इसलिए कहती है ताकि आपके जीवन की रक्षा हो सके और जब आप ऐसा नहीं करते हैं तो पुलिस सजा के तौर पर चालान काटती है ताकि आप दुबारा ऐसी गलती न करें।

हम सभी को ये समझना बेहद जरूरी है कि, हेलमेट के प्रयोग से कितने ज्यादा फायदे होते हैं और इसे पहनकर न केवल आप स्वयं को सुरक्षित करते हैं बल्कि आपका परिवार भी इससे सुरक्षित रहता है। देश के कई शहरों में बाइक पर सवार दोनों लोगों को हेलमेट पहनना जरूरी है। वहीं कुछ शहरों में पुलिस इस मामले में थोड़ी ढ़ील भी रखती है। लेकिन जहां पर ये नियम लागू हैं वहां पर भी लोग बेखौफ बिना हेलमेट के सड़कों पर बाइक दौड़ाते हैं।

हाल ही में देहरादून पुलिस ने एक रिपोर्ट में कहा कि, राजधानी के विभिन्न इलाकों में सिटी पेट्रोल यूनिट द्वारा तकरीबन 1,025 लोगों का चालान सिर्फ इसलिए काटा गया क्योंकि उनकी बाइक के पीछे बैठे व्यक्ति ने हेलमेट नहीं पहना था। सेक्शन 129 मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के मुताबिक ये एक कानूनन अपराध है और इसके लिए चालान काटा जाना अनिवार्य है।

इस बारे में देहरादून की वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि, हमने पहले ही इस बारे में लोगों को चेतावनी दे दी थी कि, बाइक पर सवार दोनों लोगों को हेलमेट पहनना अनिवार्य है। लेकिन हमारी टीम ने राजधानी के कई हिस्सों में हजार से ज्यादा चालान काटें, जिसमें लोगों ने हेलमेट नहीं पहना था।

आपको बता दें कि, राज्य सरकार ने बीते 10 अगस्त को एक निर्देश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि अब स्कूटर, मोटरसाइकिल ड्राइव करते समय वाहन पर सवार दोनों लोगों को हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। यदि लोग ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें जुर्माना भरना होगा। लेकिन सरकार के इस निर्देश के बाद भी लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

हेलमेट किस तरह के चोटों से बचाता है:
सिर के पीछे का उपरी भाग - यहाँ चोट लगने से हमारी मेमोरी में असर होता और हमारी याददास्त भी जा सकती है, कभी-कभी आखों और हाथों के बीच तालमेल बनाने में भी परेशानी होती हैं।
ब्रेन स्टेम की चोट - यहाँ पर चोट लगने से हम अपना संतुलन सही से नहीं बना पायेगें और इसलिए चलने में परेशानी होगी।
कनपटी की तरफ की चोट - यहाँ चोट लगने सी याददास्त पूरी तरह से जा सकती हैं और साथ आपकी सेक्स लाइफ भी खराब हो सकती है।
सिर के निचले हिस्से की चोट - यहाँ की चोट से आँख पर ज्यादा असर होता है जिससे आपका विजन (देखने की क्षमता) पूरी तरह से जा सकती है।

यदि आप भी हेलमेट का प्रयोग नहीं करते हैं तो आज से ही हेलमेट का प्रयोग करना शुरू कर दें। हादसे किसी निमंत्रण के साथ नहीं आते हैं। यदि आप सोचते हैं कि आप एक बेहतर चालक हैं तो ये जरूरी नहीं है कि सड़क पर चलने वाला हर कोई एक बेहतर चालक होता है। कई बार दूसरों की गलती का खामियाजा हमें उठाना पड़ जाता है। इसलिए सजग रहें और सुरक्षित रहें।


Click it and Unblock the Notifications