16-18 साल वालों को मिल सकता है 100 सीसी के गियरलेस स्कूटर चलाने का लाइसेंस
भारत में लाइसेंस पाने के लिए आपको 18 साल का होना पड़ता है। 16 से 18 साल वाले नाबालिकों के लिए भी ड्राइविंग लाइसेंस की व्यवस्था की गई है परंतु ये 50 सीसी के स्कूटर्स तक सिमित है। अब सरकार इस पर विचार कर रही है कि 16 से 18 साल के नाबालिकों को 100 सीसी के गियरलेस स्कूटर्स का लाइसेंस भी दे देना चाहिए।

खबर है कि सरकार विचार कर रही है कि 16 से 18 साल वालों को भी ड्राइविंग लाइसेंस दे देना चाहिए। लेकिन इसे 100 सीसी के ऑटोमैटिक स्कूटर्स तक सिमित रखा जाएगा।

बता दें कि 2016 में तमाम राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय को इसका सुझाव दिया था कि 16 से 18 साल वाले नाबालिकों के लिए भी ड्राइविंग लाइसेंस की व्यवस्था की जाए।

वर्तमान में भी 16 से 18 साल के नाबालिकों के लिए भी लाइसेंस की व्यवस्था है परंतु उन्हें सिर्फ 50 सीसी तक की बाइक चलाने की अनुमती है। लेकिन मुसीबत ये है कि भारत में 50 सीसी की बाइक कोई भी कंपनी नहीं बेचती है।

अगर सरकार इस योजना को मंजूरी दे देती है तो देश के नाबालिकों को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार मिल जाएगा। वे 100 सीसी तक की गियरलेस स्कूटर चला सकेंगे। भारत में कई कंपनीयां हैं जो 100 सीसी की स्कूटर बेचती है।

तमाम राज्यों की पुलीस को ट्रैफिक नियम लागू करवा पाने में तरह-तरह की दिक्कतें आ रही हैं। रोजाना एक्सीडेंट की खबरें सुनाई पड़ती हैं।

हाल ही में हैदराबाद से खबर आई थी कि कैसे वहां कि पुलिस ने नाबालिक ड्राइविंग के खिलाफ अभियान चला रखा है। नाबालिकों के हाथ में बाइक देने की वजह से कई अभिभावकों को जेल भी जाना पड़ा था।

भारत सरकार ने जल्द ही ये योजना लागू करने के संकेत दिए हैं। योजना लागू हो जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस की भी जिम्मेदारी होगी की वो इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी नाबालिक 100 सीसी से उपर की स्कूटर या बाइक न चला सके।

गौर तलब है कि हाल ही में सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस की आवेदन प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए थे। नई व्यवस्था में लाइसेंस से जुड़े हर काम के लिए अलग-अलग फॉर्म के बजाए एक भी फॉर्म तैयार किया गया है। साथ ही फॉर्म में नई कैटेगरी ई-रिक्शा, ई-कार्ट, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर के कॉलम भी जोड़े गए हैं। वहीं इसमें पहली बार अंगदान का कॉलम भी जोड़ा गया है।

इसके अलावा आधार को अनिवार्य करते हुए इसे वैध दस्तावेजों की सूची में जोड़ा गया है। स्थाई पते के साथ अस्थाई पते को भी जगह दी है और आधार की मदद से अस्थाई पते पर भी लाइसेंस बनवाने की छूट दी है।

लाइसेंस के लिए नाबालिकों को अलग तरह से आवेदन करना होता है। यदि आवेदक एक नाबालिग है, तो फॉर्म के प्रिंट आउट लें और पार्ट D को भरें। उसके बाद निकटतम आरटीओ में जाकर लाइसेंस देनेवाले अधिकारियों की मौजूदगी में पार्ट D पर माता-पिता / संरक्षक द्वारा सिग्नेचर कराना होता है।


Click it and Unblock the Notifications