एक अलग अंदाज में भारत भ्रमण, चलो देखते हैं किस शहर में है कितना दम?
करीब साढ़े तीन साल हो गये मुझे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से दूर हुए। दिल्ली से आईटी हब बेंगलुरु आया तो शुरु में काफी अलग-थलग सा महसूस कर रहा था, लेकिन जल्द ही यहां की लाइफस्टाइल में ढल गया और गार्डन सिटी ने मुझे जो दिया उसे हंस कर स्वीकार किया।
पब में देर रात तक डांस से लेकर धीरे-धीरे चलने वाली लाइफ तक, मैंने बेंगलुरु में अपने हर पल को एंज्वॉय किया है। शहर का थकाने वाला ट्रैफिक और दिल को खुश कर देने वाला मौसम दोनों हैं यहां। हालांकि, इस शहर में रहते हुए मैंने त्यौहारों के समय वैसी जगमगाहट नहीं देखी जैसी दिल्ली में होती है. हां बस दशहरे और क्रिसमस में शहर में थोड़ी चहल पहल होती है.
हो सकता है, मुझे बहुत कुछ नहीं मालूम हो, क्योंकि मैं ज्यादा यात्रा नहीं करता, लेकिन अब भी मुझे बेंगलुरु और देश के बाकी हिस्सों की गंभीरता शायद नहीं मालूम है। 26 साल का हूं, और अभी देश का बहुत बड़ा हिस्सा मैंने नहीं देखा है, लेकिन देश के हर कोने में जाने की इच्छा जरूर है। बस इसी इच्छा को मैंने अपने मैनेजिंग एडिटर जोबो कुरुविला के सामने रखा। जोबो बेंगलुरुवासी हैं, वो बहुत एडवेंचरस हैं और अपने काम या शहर की रोजमर्रा की जिंदगी के बीच भी अपने पैशन को हमेशा बरकरार रखते हैं.

अब, जैसा कि मैंने आपको पहले भी बताया कि, मेरे बॉस मुझसे ज्यादा ट्रैवल कर चुके हैं. तो इस बात ने मुझे हैरान नहीं किया कि उन्होंने पूरे भारत घूमने की बात को एक चैलेंज की तरह लिया.
उन्होंने कहा कि, वो मुझे और मेरी टीम को ये दिखाने ले चलेंगे कि त्यौहारों के दिनों में बैंगलॉर और भारत के बाकी शहर कैसे दिखते हैं. उन्होंने सीधे कहा, चलो खुशियों के शहर कोलकाता चलते हैं, क्योंकि वहां इस वक्त दुर्गा पूजा चल रही है। उसके बाद हम पुणे जायेंगे और वहां दीवाली सेलीब्रेट करेंगे।
जोबो ने कहा, बीच में कुछ हफ्तों के लिये घर पर आराम और फिर हम क्रिसमस के दौरान कोची जायेंगे। और ईयर एंड यानी न्यू-ईयर ईव सेलीब्रेट करेंगे बेंगलुरु में। उस बेंगलुरु में जहां ड्राइवस्पार्क की बाकी की पूरी टीम होगी।
नया साल शुरू होते ही आयेगा ग्रांड फिनाले और उससे पहले हम जायेंगे चेन्नई। जहां हम तमिलनाडु के साथ पोंगल मनायेंगे।
टीम ने तय किया कि इस चैलेंज को और रोचक बनाया जाये। हम जानते थे कि हमारे बॉस एक अच्छे बाइकर हैं। बस हमने तय किया कि हम स्कूटर से अपना सफर तय करेंगे और त्योहरों के हर रंग में घुलने की कोशिश करेंगे।
हमें लगा कि हम समझदार हैं, और हमने उनके हाथों में टीवीएस वीगो की चाभी रख दी। लेकिन जिस तरह वो मुस्कुराये, हमें समझ आ गया कि उन्होंने कुछ बड़ा प्लान कर रखा है। टीवीएस वीगो की चाभी हाथ में ली, और बोले, "पैक योर बैग्स"। आगे बोले केवल मैं नहीं, #WeGoKolkata... हमारी खुशी का ठिकाना नहीं था, दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता की व्यस्ततम सड़कों पर वीगो से बेहतरीन साथी कोई और नहीं हो सकता।


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