भारतीय सड़क पर गियरलेस स्कूटरों की धूम

आपको वो पुराना स्लोगन तो याद ही होगा जब टीवी पर अचानक एक जानी-पहचानी धुन में संजोया हुआ हमारा बजाज स्लोगन हमारे कानों मे सुनाई देता था। उस समय शायद जो बजाज के बारें में जानता भी न था वो लोग भी स्कूटर का मतलब बजाज ही मानतें थे। लेकिन समय बदलता गया और बाजार में एलएमएल, काइनेटिक जैसे और भी स्क्ूटर निर्माता उतर गये। लेकन यह दौर बहुत लंबा न चला और सड़कों से और लोगों के दिलों से स्कूटर का नाम खत्म होने लगा।
लेकिन यह सच है कि भारतीय जमीन पर पुराना दौर लौटकर जरूर आता है भले ही उसका रूप थोड़ा सा परिवर्तित हो। और ऐसा ही हुआ एक बार फिर से वाहन निर्माताओं ने लोगों द्वारा स्क्ूटर को नजरअंदाज किये के कारणों पर अध्यन किया और उनकी इच्छा के अनुसार भारतीय बाजार में स्कूटर का नया अवतार आया। ये नये स्क्ूटर देखने में बिलकुल स्क्ूटर की ही तरह थी लेकिन इसमें स्कूटर से बेहतर तकनीकियों को शामिल किया गया था।
यानी कि आरामदेह सफर के मायने में ये पूर्व के स्कूटरों से ज्यादा बेहतर थे। इसके अलावा स्कूटर को युवा वर्ग में बहुत से लोग महज इसलिए नहीं पसंद करते थे कि उसमें हाथ से गियर सिफ्ट करना पड़ता जो कि भारी यातायात के दौरान सड़क पर थोड़ा मुश्किल था। लेकिन कंपनियों ने इस समस्या को जड़ से ही खत्म कर दिया और ऐसे स्कूटर को पेश किया जिसमें गियर लगाने का झंझट ही नहीं था, यानी कि बस स्टार्ट किया और एक्सलेटर लेकर हवा से बातें करने लगे।
इन स्कूटरों को गियर लेस स्कूटर का नाम दिया गया। इस सेग्मेंट में सभी दोपहिया वाहन निर्माता कूद पड़े जिसमें होंडा की एक्टीवा, टीवीएस स्कूटी, पेप, जैसे न जाने कितने मॉडल सड़कों पर छा गये। आज के समय में इन स्कूटरों की मांग इतनी ज्यादा हो गई है कि मॉडलों को बुक करने के काफी दिनों के बाद ही आपको डीलीवरी मिलती है। इसके अलावा इस स्कूटरों में कंपनियों ने बेहतरी इंजन क्षमता भी प्रदान करना शुरू कर दिया ये स्क्ूटर 125 सीसी की क्षमता तक के इंजन के साथ बाजार में उपलब्ध है।
आप इस सेग्मेंट के विकास का अंदाजा इसी बात से लगा सकतें है कि दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों के साथ-साथ देश की प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता कंपनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा भी इस बाजार में कूद गया है। आज बाजार में महिन्द्रा की ड्यूरो, फ्लाईट, और डियो जैसे शानदार मॉडल उपलब्ध है। आज के समय में स्कूल, कॉलेज या फिर रोजमर्रा के काम के लिए इन स्कूटरों से बेहतर विकल्प और कोई दूसरा वाहन नहीं है।
बेहतर कम्फर्ट, इलेक्ट्रिक स्टार्ट, शानदार माइलेज, किफायती दाम इन स्कूटरों की मुख्य विशेषता है। इसके अलावा इन गियर लेस स्कूटरों में अन्य दोपहिया वाहनों की तरह मेंटेनेंस का भी ज्यादा खर्च नहीं है। भारतीय बाजार में इन स्कूटरों की कीमत की शुरूआत महज 45,000 रूपये से ही है। आपको बता दें कि महानगरों में इन स्कूटरों को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है इन स्कूटरों की ग्राहकों की फेहरिस्त में वो युवा वर्ग भी शामिल हो गया है जो कि कभी अपने पिता के स्कूटर पर सवारी करने पर नाक-भौं सिकोड़ता था। कुल मिलाकर भारतीय सड़कों पर इन गियरलेस स्कूटरों की जबरजस्त धूम है।


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