महिन्द्रा स्कूटर इंडिया की हिस्सेदारी नहीं खरीदेगी

आपको बताते चले कि 70 से 80 के दशक में लम्ब्रेटा और विजय स्कूटर से अपनी पहचान बना चुके इस कम्पनी ने सन 2003 से ही ल्रगातार घाटो का सामना किया है। वही इस कम्पनी के उपर बकाये भी है जिसके लिए सरकार ने नियम बनाये है कि किसी भी तरह के वेतन बकाये इत्यादी को सही करने व चुकता करने के बाद ही आगे के निर्णय लिए जायेंगे।
सरकार ने स्कूटर्स इडिया के शेयरो को किसी चुनिन्दा कम्पनी को बेचने का निर्णय किया है। सरकार बाकी के पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी बैंको,व वित्तीय संस्थानो के पास ही रहने देगी। इस मामले मे वित्त मंत्रालय का विनिवेश विभाग बोली लगवायेगा और जो भी कम्पनीया इच्छुक होगी वो स्कूटर्स इंडिया का अधिग्रहण करेगी। सरकार के इस फैसले से वर्षो से लडखडा रहे स्कूटर्स इंडिया को एक बार फिर से खडा करने का प्रयास किया जा रहा हॅ, अब ये कितना कारगर होगा ये तो वक्त ही बतायेगा।
स्कूटर इंडिया को पाने के इस दौड़ में अतुल ऑटो, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा और अन्य कई कंपनियों के नाम सामने आये थे। लेकिन एक समारोह के दौरान महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के अध्यक्ष पवन गोयनका ने बताया कि महिन्द्रा स्कूटर इंडिया की हिस्सेदारी खरीदने के लिए बिलकुल भी इच्छुक नही है और अभी कंपनी की इस तरह की कोई योजना भी नहीं है फिलहाल कंपनी अपने उत्पादों को लेकर योजनाए बनाने में व्यस्त है।


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