स्कूटर्स इंडिया की बिक्री में रूकावट

अब इसके बारे में अंतिम निर्णय करने से पूर्व व्यापक विचार विमर्श किया जाएगा। साल की शुरूआत में केंद्रीय मंत्रीमंडल रणनीतिक रूट के जरिये स्कूटर्स इंडिया में पूरी सरकारी हिस्सेदारी 95.38 प्रतिशत निजी कारोबारी को बेचने को मंजूरी दे दी थी। चूंकि इस कंपनी का गठन संसदीय अधिनियम के तहत किया गया है, इसलिए विनिवेश के लिए संसद की स्वीकृति जरूरी है।
सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले साल उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बिक्री के निर्णय को टाल दिया गया है। स्कूटर्स इंडिया लि. लखनउ में स्थित है। उन्होंने बताया कि राज्य के कांग्रेसी नेता इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनने देना चाहते हैं। सरकारी क्षेत्र उद्यम पुनर्निर्माण बोर्ड के संस्तुतियों के मद्देनजर स्कूटर्स इंडिया के पुनरूज्जीवित करने के लिए अनेक निजी कंपनियों को पर विचार किया जा रहा है।


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